राजस्थान में वैलेंटाइन डे पर स्कूलों में होगी माता-पिता की पूजा, कांग्रेस राज के फैसले को फिर बदलेगी भजनलाल सरकार

जयपुर/राजस्थान। प्रदेश की भजनलाल सरकार स्कूलों में वेलेंटाइन डे मनाने की तैयारी में है। 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के दिन सरकारी स्कूलों में माता पिता के पूजन कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियां चल रही है। भाजपा के पिछले कार्यकाल (वसुंधरा राजे शासन) में वेलेंटाइन डे के दिन सरकारी स्कूलों में माता पिता के पूजन का कार्यक्रम शुरू हुआ था लेकिन दिसंबर 2018 में सरकार बदलने पर कांग्रेस सरकार ने इस कार्यक्रम को बंद कर दिया। अब प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बन गई है तो स्कूलों में माता पिता के पूजन का कार्यक्रम फिर से शुरू किया जा रहा है।
गहलोत सरकार ने निरस्त कर दिया था सर्कुलर
वसुंधरा राजे शासन के दौरान वासुदेव देवानानी (वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष) शिक्षा मंत्री थे। उन दिनों वर्ष 2018 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री की पहल पर 14 फरवरी को स्कूलों में माता पिता के पूजन का कार्यक्रम शुरू हुआ। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया था ताकि हर साल 14 फरवरी को अनिवार्य रूप से माता पिता के पूजन कार्यक्रम हो सके। दिसंबर 2018 में प्रदेश में सरकार बदल गई तो फरवरी 2019 में कांग्रेस सरकार के शिक्षा विभाग के सर्कुलर को निरस्त कर दिया। ऐसे में स्कूलों में माता पिता पूजन का कार्यक्रम नहीं हो सका।
स्कूलों में माता पिता पूजन का कोई औचित्य नहीं – डोटासरा
राजे शासन में जारी हुए सर्कुलर को गहलोत राज में निरस्त किया गया था। उन दिनों गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश के शिक्षा मंत्री थे। उन दिनों डोटासरा ने कहा था कि माता पिता का आदर करना भारतीय संस्कृति में पहले से ही है। इसके लिए केवल एक दिन पूजा करना भारतीय संस्कृति का अपमान है। डोटासरा ने कहा था कि स्कूलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजन करने का कोई औचित्य नहीं है।
भाजपा ने कांग्रेस के फैसले को बताया संस्कृति विरोधी
कांग्रेस सरकार ने जब राजे सरकार के सर्कुलर को बदलते हुए स्कूलों में माता पिता पूजन कार्यक्रम बंद कर दिए तो भाजपा ने गहलोत सरकार के इस फैसले की काफी निंदा की। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के इस फैसले को भारतीय संस्कृति विरोधी बताया। उन दिनों बीजेपी के नेताओं द्वारा यह भी कहा गया कि प्रदेश में भाजपा सरकार आएगी तो माता पिता के पूजन कार्यक्रम को फिर से शुरू किया जाएगा।
मात-पितृ पूजन दिवस मनाना फिर शुरू होगा – दिलावर
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि स्पीकर वासुदेव देवनानी जब शिक्षा मंत्री थे। तब उन्होंने शिक्षा विभाग में कई नवाचार किए थे। 14 फरवरी को स्कूलों में माता पिता के पूजन का कार्यक्रम भी देवनानी ने शुरू किया था लेकिन गहलोत राज में कई फैसले बदल दिए। दिलावर ने कहा कि हम सभी अच्छे फैसले फिर से लागू करेंगे, उनमें 14 फरवरी को स्कूलों में माता पिता का पूजन कार्यक्रम भी शामिल है। आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग की ओर से फिर एक सर्कुलर जारी किया जाएगा ताकि हर साल 14 फरवरी को सभी स्कूलों में माता पिता के पूजन कार्यक्रम नियमित रूप से हो सके।
हिंदूवादी संगठन पहले से मनाते आ रहे हैं पूजन दिवस
वैलेंटाइन डे पश्चिमी देशों में मनाया जाने वाला पर्व है। हिंदूवादी संगठन वेलेंटाइन डे का विरोध करते आ रहे हैं। वेलेंटाइन डे के विरोध में ही हिंदू संगठन 14 फरवरी को माता पिता पूजन दिवस मनाते हैं। पिछले एक दशक से राजस्थान में भी इस परंपरा ने जोर पकड़ा है। हिंदूवादी विचारधारा से जुड़े चिंतकों के विचार के बाद बीजेपी ने इसे अपना लिया। भाजपा शासित कई राज्यों में 14 फरवरी को माता पिता पूजन दिवस मनाया जाता है।
15 फरवरी को स्कूलों में सूर्य नमस्कार के आदेश हो चुके
राज्य सरकार की ओर से 15 फरवरी को सूर्य सप्तमी के दिन सूर्य नमस्कार का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में सूर्य नमस्कार मनाए जाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इस दौरान छात्र छात्राओं के अभिभावकों को भी स्कूल में होने वाले सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

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