गोरखपुर में कपल को लूटता और हवस का शिकार बनाता ‘डायना’, पहुंचा सलाखों के पीछे

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर स्थित कुसम्ही जंगल में पिछले कुछ सालों से एक ऐसे कुख्यात और दुर्दांत अपराधी का खौफ रहा है, जो जंगल की तरफ विनोद वन या बुढ़िया माई मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों, जिनमें खासकर कपल होते थे, उन्हें अपने लूट और हवस का शिकार बनाता था। पिछले दिनों पुलिस ने उसे साथियों सहित गिरफ्तार का सलाखों के पीछे भेज दिया है।गोरखपुर पुलिस को शनिवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी, जब कुसम्ही जंगल में पिछले कुछ सालों से आतंक और खौफ का प्रयाय बने एक सख्स जिसे लोग डायना उर्फ देवेंद्र निषाद के नाम से जानते हैं। उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। यह सख्स इस कदर कुख्यात और खौफनाक था कि कुसम्ही जंगल स्थित विनोद वन या बुढ़िया माई के दर्शन करने आने वाले कपल को अपना शिकार बनाता था। यदि कपल घूमते हुए जंगल की तरफ चले आते, तो उन्हें अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर कभी पुलिस इंस्पेक्टर या वन दारोगा बनकर पकड़ लेता और फिर जंगल में अंदर ले जाकर उनके पास रखा पैसा, जेवरात लूट लेता और फिर महिला साथी के साथ दुष्कर्म जैसी घटना को अंजाम देता। इस दौरान कपल के साथ मारपीट भी करता था। इसकी शिकायत पुलिस को लगातार मिल रही थी, लेकिन वह कभी पकड़ा नहीं जाता था। उसने अब तक करीब हजारों लोगों को अपना शिकार बनाया है, लेकिन अब इस खौफ के सौदागर के आतंक का अंत हो चुका है।
पुलिस ने उसे उसके साथियों सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार जब डायना उर्फ देवेंद्र निषाद को गिरफ्तार करने पुलिस उसके गांव पहुंची, तो गांव वाले और उसके समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी को घेरते हुए कार्रवाई में अवरोध डालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें दूर भगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। सीओ कैंट अंशिका वर्मा के अनुसार, यह दुर्दांत अपराधी खुद को पुलिस वाला या कभी वन दारोगा बताता था और खासकर कपल को अपना शिकार बनाकर उनके साथ लूटपाट करता। महिला के साथ दुष्कर्म जैसी घटना को अंजाम देता था। गुरुवार को पीड़ित एक दंपती ने एम्स थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही इसकी तलाश की जा रही थी। तीन साथियों में से एक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। अन्य दो को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इन सभी के पास से पुलिस का फर्जी आई कार्ड और चाकू बरामद किए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button