पेपर लीक मामले में फरार चल रही 25,000 की इनामी इमरती गिरफ्तार

Imarti, who was absconding in the paper leak case and had a bounty of Rs 25,000 on her head, has been arrested

जोधपुर/राजस्थान। पेपर लीक, मादक पदार्थों की तस्करी और हत्या जैसे गंभीर मामलों में फरार चल रहे बदमाशों की धरपकड़ के लिए जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने स्पेशल टीम बना रखी है। इस टीम का नाम है साइक्लोनर टीम। इस स्पेशल टीम का ऑफिस भी रेंज आईजी के सरकारी आवास पर ही है। लंबे समय से वांछित और इनामी अपराधियों का पीछा करके लगातार गिरफ्तारियां की जा रही है। आईजी की इस टीम ने रविवार को पेपर लीक मामले में फरार चल रही इमरती बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। इमरती पर 25,000 रुपए का इनाम था। जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार की गई लड़की इमरती बिश्नोई बालोतरा जिले के उमरलाई गांव की रहने वाली है। तीन साल पहले हुई रीट 2021 परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इमरती पढाई में कमजोर थी। ऐसे में उसने टीचर बनने के लिए दूसरा जुगाड़ लगाया। पेपर लीक गैंग से मिलकर डमी अभ्यर्थी बनने वाली छम्मी बिश्नोई से संपर्क किया। लाखों रुपए में सौदा करके इमरती ने खुद की जगह छम्मी बिश्नोई से परीक्षा दिलवाई। जब पेपर लीक का मामला उजागर हुआ तो छम्मी और इमरती दोनों फरार हो गई थी।
छम्मी बिश्नोई डमी कैंडिडेट गिरोह की मुख्य सदस्य है। वह खुद कई अभ्यर्थियों के स्थान पर अलग अलग भर्ती परीक्षाओं में बैठ चुकी है। साथ ही कई अभ्यर्थियों को डमी अभ्यर्थी भी उपलब्ध कराती थी। जोधपुर रेंज आईजी की साइक्लोनर टीम ने छह महीने पहले छम्मी को गिरफ्तार किया था। छम्मी यूपी के वृंदावन में साध्वी बनकर फरारी काट रही थी। आईजी की टीम ने गौ भक्तों की एक रैली में भक्तगण बनकर छम्मी पर निगरानी रखी। इस रैली में गायों का स्वागत करने आई छम्मी को गिरफ्तार कर लिया। छम्मी की गिरफ्तारी के बाद में रीट भर्ती में फरार चल रहे कई आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। आईपीएस विकास कुमार ने बताया कि छम्मी से मिले इनपुट के बाद ही 25,000 रुपए की इनामी इमरती को गिरफ्तार किया जा सका।
आईपीएस विकास कुमार ने बताया कि इमरती ने पिछले तीन साल में अलग अलग जगह फरारी काटी। कभी कल्याणपुरा, कभी जोधपुर तो कभी बंबोरी में अलग अलग रिश्तेदारों के पास छिपती फिरती रही। इमरती के पिता एक ढाबा चलाते हैं। इस ढाबे के पीछे खेत में एक कमरा बना हुआ है। इमरती के इस कमरे में रहने की सूचना मिलने के बाद साइक्लोनर टीम ने दबिश दी। तीन बार इमरती पुलिस को गच्चा देने में कामयाब रही जबकि रविवार 17 नवंबर को पुलिस ने दबिश देकर इमरती को दबोच लिया।
आईजी की इस स्पेशल टीम ने पिछले आठ महीने में कई बड़ी गिरफ्तारियां की है। लंबे समय से फरार हार्डकोर और इनामी बदमाश इस टीम के निशाने पर है। 12 साल से फरार हत्या के तीन आरोपियों लालदेव, उदय और नरेश को इसी टीम ने गिरफ्तार किया था। एक लाख रुपए के इनामी मादक पदार्थों के तस्कर जस्सा को भी गिरफ्तार किया था। मोस्ट वांटेंड रहा तस्कर पुलिस टीम पर तीन बार फायरिंग भी कर चुका था। पेपर लीक मामले से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जिनमें ओमप्रकाश ढाका, किरण जाट, भंवरी बिश्नोई, संगीता बिश्नोई, छम्मी बिश्नोई, वर्षा बिश्नोई और इमरती शामिल है। रेंज आईजी विकास कुमार बताते हैं कि साइक्लोनर टीम ने अब तक कुल 56 कुख्यात और वांछित बदमाशों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

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