अब पिकनिक पर छात्रों के साथ जाएंगे पुलिसकर्मी, गुजरात डीजीपी विकास सहाय का फैसला

Now policemen will accompany students on picnics, decision of Gujarat DGP Vikas Sahay

अहमदाबाद/एजेंसी। गुजरात के स्कूलों से अब अगर छात्र-छात्राओं का ग्रुप पिकनिक या शैक्षिणक टूर के लिए जाएगा, तो उनके साथ सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी भी जाएंगे। गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डीजीपी विकास सहाय ने नए सुरक्षा नियमों के तहत जारी किया है। डीजीपी ने अपने आदेश में कहा है कि पिकनिक में बच्चों के आउंटिंग के दौरान दो वर्दीधारी पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। ग्रुप या टूर में छात्राओं के होने पर महिला पुलिसकर्मी साथ जाएंगी। डीजीपी ने राज्य शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश भेजा है। डीजीपी ने राज्य शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को आदेश भेजकर इस नियम के तुरंत इंप्लीमेंटेशन के लिए कहा है। यह आदेश सभी स्कूलों (सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी) पर लागू होगा। डीजीपी विकास सहाय का कार्यकाल इसी महीने के अंत में पूरा हो रहा है। डीजीपी के इस आदेश के पीछे छात्रों की सुरक्षा का हवाला दिया गया है।
डीजीपी के इस फैसले के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस फैसले से कोई बड़ा बदलाव आएगा? डीजीपी के इस निर्णय का गुजरात के स्कूलों और अभिभावकों ने स्वागत किया है। कुछ अभिभावकों का मानना है कि इससे उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताएं खत्म हो जाएंगी।आदेश में कहा गया है कि स्कूलों को अपनी ट्रिप, टूर या पिकनिक को पहले ही शेड्यूल करना होगा और लोकल पुलिस स्टेशन को इसकी जानकारी देकर उनके कॉर्डिनेशन करना पड़ेगा। मीडिया से बातचीत में एमिटी स्कूल सीबीएसई की प्रिंसिपल रीना तिवारी ने कहा कि इस नए नियम से ट्रिप प्लानिंग में देरी हो सकती है। कई स्कूल टूर के लिए डिमोटिवेट भी हो सकते हैं। कुछ अभिभावकों का मानना है कि इस नियम से शिक्षा अधिकारियों और पुलिस के बीच मजबूत सहयोग तैयार होगा। इससे वह छात्रों की चिंता से मुक्त भी हो जाएंगे।
गुजरात के स्कूलों में अभी तक जब भी स्कूल छात्रों को टूर लेकर जाते थे तो वे टूर से पहले अभिभावकों से एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर करवाते हैं। जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में स्कूल पर दोष नहीं लगता था। डीजीपी के आदेश के बाद गुजरात पुलिस की उपलब्धता पर भी चर्चा छिड़ गई है। कहा जा रहा है कि गुजरात पुलिस के पास पहले से पुलिसकर्मियों की कमी है। ऐसे में यह आदेश कैसे लागू हो पाएगा? आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात में 100,000 लोगों पर 127.82 पुलिसकर्मी हैं, जबकि यह 174.39 होना चाहिए। गुजरात पुलिस के पास अपनी जरूरत का सिर्फ 73 फीसदी मैनपावर है। डीजीपी ने यह आदेश ऐसे वक्त पर जारी किया है जब नवरी 2024 में हरनी नाव त्रासदी के एक साल बाद आए हैं, जिसमें वडोदरा के हरनी में एक झील में नाव पलटने से 12 छात्र और दो शिक्षक डूब गए थे। डीजीपी के आदेश पर अभी शिक्षा विभाग की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है।

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