मुंबई समेत महाराष्ट्र के बड़े शहरों में ‘बाइक टैक्सी’ दौड़ाने की तैयारी

अगले दो महीने में लागू हो जाएंगे नए नियम

कांती जाधव/मुंबई ब्यूरो। लंबे समय से बाइक टैक्सी के लिए कोई नियमवाली बनाने का इंतज़ार हो रहा है। मुंबई जैसे महानगर में बिना नियमों के बाइक टैक्सी चल रही थी जबकि ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए सबसे सही विकल्प हो सकता है। बहरहाल ओला, उबर, रैपिडो जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के साथ-साथ बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए एक समान नियमावली के तहत लाने के लिए मोटर वाहन विभाग ने ‘ महाराष्ट्र एग्रीगेटर रेगुलेशन 2024 ’ मसौदा तैयार किया है। इसका प्रस्तुतिकरण मंगलवार को मंत्रालय में हुई बैठक में किया गया। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि नियमावली में यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। यह एक नीतिगत निर्णय है, इसलिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से चर्चा कर अगले दो महीनों में इस नियम को लागू किया जाएगा।
नए मसौदे के बाद अब मुंबई-पुणे समेत राज्य के सभी शहरों में बाइक टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी। बाइक टैक्सी शुरू करने का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन है। इसके माध्यम से महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। महिला ड्राइवरों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए दो सीटों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने के लिए स्टैंड लगाने पर विचार किया जा रहा है। यह बदलाव मौजूदा कंपनियों के जरिए होंगे या परिवहन विभाग की ओर से किए जाएंगे, इस पर विचार चल रहा है।
‘यात्रा के लिए ऐप आधारित टैक्सी बुक करने के बाद ड्राइवर तय समय से अधिक देर से पहुंचता है…’ ऐसी आम शिकायतों का अब राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने समाधान निकाला है। अगर ऐप आधारित टैक्सी ड्राइवर 10 मिनट में नहीं पहुंचा, तो संबंधित व्यक्ति पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और यह राशि यात्री को दी जाएगी। इस नियम को ‘महाराष्ट्र एग्रीगेटर रेगुलेशन 2024’ में शामिल किया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, अस्पताल आदि के लिए बुक की गई टैक्सी रद्द करने पर कुल दंड की पांच गुना राशि संबंधित कंपनी से यात्री को देने का भी नियम इस मसौदे में शामिल है। परिवहन विभाग ने इस नियम का समर्थन करते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य बेवजह की देरी को रोकना और यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। इस मसौदे का प्रस्तुतिकरण परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने किया।
किराया नकारने की शिकायतों पर सख्ती
ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं में सर्विस नकारने की यात्रियों की कई शिकायतें हैं। इसे ध्यान में रखते हुए इस मसौदे में विशेष प्रावधान किया गया है। वर्तमान में कंपनी ड्राइवर को यात्री के गंतव्य की जानकारी पहले ही दे देती है, जिससे ड्राइवर अक्सर नजदीक गंतव्य होने पर उसे नकार देते हैं। इस समस्या को हल करने के लिए ऐप में यह बदलाव किया जाएगा कि यात्री बैठने के बाद ही ड्राइवर को गंतव्य की जानकारी मिले।एक अधिकारी ने बताया कि सिर्फ जुर्माने तक सीमित न रहते हुए, ऐसे मामलों को नियमावली में शामिल किया गया है ताकि इसे सख्ती से लागू करना सभी निजी परिवहन सेवाओं के लिए अनिवार्य हो।

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