महाकुंभ की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं को दूर रखना आवश्यक : महंत रविंद्र पुरी

To maintain the safety and sanctity of Maha Kumbh, it is necessary to keep non-Hindus away: Mahant Ravindra Puri

  • महाकुंभ में गैर-हिंदुओं पर बोले महंत रविंद्र पुरी
  • ‘चाय में थूककर और जूस में पेशाब मिलाकर देंगे’
  • दुकान नहीं लगाने की अनुमति की स्पष्ट चेतावनी
  • महंत बोले- नागा साधु कार्रवाई पर होंगे मजबूर

प्रयागराज/उत्तर प्रदेश। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने महाकुंभ 2025 में गैर हिंदुओं के प्रवेश को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अन्य धर्म के लोगों का कोई विरोध नहीं है लेकिन कुछ लोग गलत काम करते हुए चाय में थूककर या जूस में पेशाब करके मिलाते हैं। ऐसे में गैर-हिंदुओं को महाकुंभ में दुकान लगाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने साथ ही चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि गंदगी करने पर नागा साधु कार्रवाई पर मजबूर हो जाएंगे।महंत रवींद्र पुरी ने कहा, ‘हमारा स्पष्ट तौर पर कहना है कि चाय की दुकानों, जूस की दुकानों और फूलों की दुकानों को उनके लिए अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अगर इन्हें ये दुकानें दे दी जाएं तो ये थूकेंगे, पेशाब करेंगे और हमारे नागा साधु कार्रवाई करने पर मजबूर हो जाएंगे। अगर ऐसी कोई घटना होती है और किसी को चोट पहुंचती है तो इससे दुनिया भर में गलत संदेश जाएगा। हमारा मेला सुंदर, स्वच्छ, भव्य, दिव्य और शांतिपूर्ण होना चाहिए। कार्यक्रम की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं को दूर रखना आवश्यक है।
गैर-हिंदू समुदाय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमने कभी किसी गैर-हिंदू से विरोध नहीं किया। जो लोग हमारे खिलाफ हैं, उनका विरोध करना चाहिए। हमने कभी किसी गैर-हिंदू से कोई संघर्ष नहीं किया, बल्कि हमें हमेशा उनकी मदद की जरूरत पड़ी है। जिहादी ताकतों को रोकने के लिए हमें उनके खिलाफ कदम उठाने चाहिए, लेकिन सामान्य मुसलमान भाइयों के खिलाफ कोई प्रतिबंध नहीं है।
महंत ने कहा कि हमारे यहां जितनी दुकानदार, कारीगर और ठेकेदार हैं, वे ज्यादातर मुसलमान हैं और हमने कभी भी उनके साथ विरोध नहीं किया है। लेकिन कुछ लोग यहां गलत काम करने की कोशिश करते हैं, जैसे चाय में थूक मिलाना या जूस में पेशाब मिलाना। उन्हें हम अपने समाज से दूर रखना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हमारा मेला साफ, सुंदर और शांति से हो ताकि कोई गलत संदेश ना जाए।
महंत रविंद्र पुरी ने कुंभ मेला और गंगा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा मेला सुंदर, स्वच्छ और भव्य होना चाहिए। यह पूरी दुनिया को दिखाता है कि सनातन संस्कृति कितनी पवित्र है। हम चाहते हैं कि यह मेला हर किसी के लिए सुख और शांति लेकर आए। गंगा जी के पानी की शुद्धता पर भी जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गंगा जी के पानी को पीने योग्य बनाने के लिए सरकार और संतों का प्रयास है। जो लोग गंगा के पानी के बारे में नकारात्मक प्रचार करते हैं, वे गलत हैं।
संघ प्रमुख मोहन भागवत की बातों का समर्थन करते हुए महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि वह सनातन धर्म के बहुत बड़े प्रहरी हैं। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है और हम उनका आदर करते हैं। उन्होंने जो भी कहा, वह धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए कहा। पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यों का समर्थन करते हुए महंत ने कहा कि उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद सनातन धर्म को कोई खतरा नहीं है। पहले जो हमारे दुश्मन थे, अब वे बिलों में छुपे हुए हैं। जब तक प्रधानमंत्री मोदी हैं, हमारा धर्म सुरक्षित रहेगा।

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