आठ दिनों से एम्स का सर्वर हैक, दो निलंबित, गृह मंत्रालय ने की हाई लेवल मीटिंग

नई दिल्ली। एम्स में सर्वर हैक हुए अब तक आठ दिन हो चुके हैं लेकिन हैकर्स की अबतक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। हैकिंग कहां से हुई है और सर्वर को किसने डाउन किया है। अभी तक इसकी जांच जारी है। आठवें दिन भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली का सर्वर खराब रहा और सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के दो विश्लेषकों के निलंबन के बाद साइबर सुरक्षा का उल्लंघन करने के आरोप में और भी निलंबन हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, “सैनिटाइजिंग प्रक्रिया शुरू हुई, पहले यह 15 थी लेकिन अब 50 में से 25 सर्वर और 400 से अधिक एंडपॉइंट कंप्यूटर स्कैन किए जा चुके हैं। भविष्य की सुरक्षा के लिए एंटीवायरस अपलोडिंग भी शुरू कर दी गई है।”

दिल्ली एम्स में सर्वर हैकिंग की घटना ने गृह मंत्रालय की भी नींद उड़ा दी है। एम्स सर्वर हैक को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक हाई लेवल मीटिंग भी की है। इस मीटिंग में आईबी, एनआईए, दिल्ली पुलिस और एम्स प्रशासन के अलावा कंप्यूटर रिस्पांस इमरजेंसी सिस्टम के आला अधिकारी शामिल हुए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में हैकिंग के मामले में अभी तक जांच किस दिशा में बढ़ रही है, इसको लेकर चर्चा हुई।  हैकर्स ने 200 करोड़ की मांग की है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार हैकर्स ने कथित तौर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली से क्रिप्टोकरंसी में अनुमानित 200 करोड़ रुपये की मांग की है।

मंगलवार को एम्स ने एक बयान भी जारी किया कि ई-हॉस्पिटल डेटा को बहाल कर दिया गया है, “ई-हॉस्पिटल डेटा को सर्वर पर बहाल कर दिया गया है। सेवाओं को बहाल करने से पहले नेटवर्क को साफ किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है। अस्पताल सेवाओं के लिए डेटा की मात्रा और बड़ी संख्या में सर्वर/कंप्यूटर। साइबर सुरक्षा के लिए उपाय किए जा रहे हैं।” सभी अस्पताल सेवाएं, जिनमें आउट पेशेंट, इन-पेशेंट, प्रयोगशालाएं आदि शामिल हैं, मैनुअल मोड पर चलती हैं।

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