संभल के बाद अब वाराणसी के मुस्लिम इलाके में 40 साल से बंद मंदिर मिला, मिट्टी से पाट दिया गया
After Sambhal, now a temple closed for 40 years was found in a Muslim area of Varanasi, it was filled with soil

- वाराणसी में मुस्लिम आबादी के बीच मिला मंदिर
- दशाश्वमेध थाने की पुलिस मौके पर पहुंची
- दावा किया गया कि मंदिर को मिट्टी से पाट दिया गया
वाराणसी/उत्तर प्रदेश। संभल के बाद वाराणसी में एक ऐसा शिव मंदिर मिला है, जो 40 साल से बंद पड़ा है। यह मंदिर मुस्लिम बहुल आबादी वाले मदनपुरा की एक गली में है। ‘बनारसी इश्क’ नाम के फेसबुक पेज से मंदिर के बारे में जानकारी मिलने पर सोमवार की शाम सनातन रक्षा दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने मंदिर खोलने की मांग की। इसकी जानकारी होते ही दशाश्वमेध थाने की पुलिस के साथ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।उन्होंने सनातन रक्षा दल कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें समझाया तब वे शांत हुए। सनातन रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा ने बताया कि मंदिर पूरी तरह मिट्टी से भरा हुआ है। आसपास के लोगों से बात करने पर पता चला कि करीब 40 साल से बंद पड़ा है। मंदिर के आसपास मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जमीन खरीद कर घर बनवा लिया है और मंदिर ऐसे ही पड़ा है। उन्होंने कहा कि जल्द मंदिर की सफाई कर विधि विधान से पूजा शुरू कराई जाएगी। मंदिर को खोलने को लेकर विवाद की स्थिति नहीं है। दशाश्वमेध थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
बता दें कि कुछ दिनों पहले संभल में मुस्लिम आबादी के बीच एक हिंदू मंदिर मिला था। 46 साल से बंद पड़ा यह मंदिर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर से 200 मीटर की दूरी पर मिला है। मंदिर के अंदर हनुमान जी की मूर्ति, शिवलिंग और नंदी विराजमान हैं। पुलिस ने मंदिर को खुलवाने के बाद उसकी साफ-सफाई की। डीएम-एसपी ने सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंधन किए हैं।




