दिल्ली में ‘पियक्कड़’ एसीपी की पोस्टिंग बदली,एसीपी ने नशे में रेलवे स्टेशन पर सो रहे लोगों से की बदसलूकी
एसीपी पर महिला कॉन्स्टेबल को अपनी सरकारी कार में बुलाकर यौन शोषण करने का भी लगा आरोप

दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस ऑफिसर्स के ग्रुप में उनके महकमे के एक पियक्कड़ (शराब पीने वाले) एसीपी को लाइन हाजिर किए जाने की चर्चा जोरों पर है। दरअसल रेलवे यूनिट के एक एसीपी पर आरोप है कि उन्होंने नशे में धुत होकर रेलवे स्टेशन पर सोने वाले लोगों के साथ बदसलूकी की। यही नहीं उनके स्टाफ ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो उन्होंने स्टाफ के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। बात आला अधिकारियों तक पहुंची तो एसीपी का मेडिकल करवाया गया। इससे बाद उनकी पोस्टिंग दूसरी जगह कर दी गई, जहां ज्यादा पब्लिक डीलिंग ना करनी हो। हालांकि पुलिस सूत्र इसे लाइन हाजिर होना ही कह रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की रेलवे यूनिट में वरिष्ठ पद पर तैनात सूत्र ने बताया, घटना शुक्रवार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की है। वहां तैनात एसीपी ने नशे में स्टेशन पर सोने वाले लोगों को हटाने के लिए बदसलूकी करनी शुरू कर दी। वह अपना आपा खो बैठे और हाथापाई तक पर उतर आए। स्टाफ ने मामला बिगड़ते देखा तो एसीपी को रोकने की कोशिश की। मगर एसीपी ने स्टाफ के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद मामले की सूचना आला अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद और स्टाफ बुलाकर एसीपी को काबू किया गया। इसके बाद उन्हें मेडिकल करवाने भेजा गया।
पुलिस सूत्र ने बताया, एसीपी पर एक महिला कॉन्स्टेबल को अपनी सरकारी कार में बुलाकर यौन शोषण करने का आरोप भी लगा है। कॉन्स्टेबल ने पोश कानून के तहत शिकायत भी दी है। पोश कानून, यानी कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम। जो कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न के लिए बनाया गया है। इसको लेकर जांच भी शुरू कर दी गई है। मीटिंग में कोई एसीपी के पास तक नहीं बैठता था।
रेलवे यूनिट में तैनात एक अन्य पुलिस सूत्र ने बताया, यूनिट की कोई भी मीटिंग सुबह, दोपहर या शाम कभी भी हो, एसीपी हमेशा शराब पीकर ही मीटिंग में पहुंचते थे। उनके पास से शराब की इतनी बदबू आती थी कि मीटिंग में कोई उनके पास तक नहीं बैठता था। इस बारे में कई बार अधिकारियों को बताया भी गया था। इसलिए एसीपी के खिलाफ जो एक्शन अब हुआ है, वो तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था। दावा किया जा रहा है कि एसीपी पोस्टिंग बदलने या लाइन हाजिर होने के ही नहीं, बल्कि सस्पेंड होने के काबिल हैं। इनकी वजह से पूरे महकमे की छवि खराब हो रही थी।
रेलवे यूनिट के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, एसीपी को लाइन हाजिर तो नहीं किया है, मगर उसकी पोस्टिंग बदल दी है। उसे मेट्रो में अटैच किया गया है। यह बात भी सही है कि वह अक्सर मीटिंग में शराब पीकर आता था। कई बार उसकी शिकायत हो चुकी है। महिला कॉन्स्टेबल ने भी उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दी है। जिस पर इंटरनल कमिटी जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




