कानपुर में मंदिर की आड़ में कब्जे का खेल! मेयर ने रुकवाया निर्माण, मौके पर पहुंची जेसीबी

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के कानपुर में निर्माणाधीन मंदिर को गिराने पहुंची नगर-निगम टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने नगर-निगम की टीम के सामने जमकर हंगामा किया। इसकी वजह से टीम को उल्टे पैर वापस लौटना पड़ा। दरअसल महापौर प्रमिला पांडेय अपने काफिले के साथ रास्ते से गुजर रहीं थीं। उन्होंने देखा कि नगर-निगम की जमीन पर अवैध रूप से मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने मंदिर का निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके साथ ही नगर निगम अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और पूछा कि यह निर्माण कार्य कैसे हो रहा है। इसके बाद नगर-निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंची थी।
गोविंद नगर थाना क्षेत्र स्थित पराग दूध डेयरी के बगल में हनुमान जी का छोटा मंदिर था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा था। मंदिर की इमारत दो खंड की बन रही थी। इसमें आरसीसी छत भी पड़ गई थी। वहां, स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में यहां पर पानी भर जाता था। इसलिए मंदिर परिसर को भव्य रूप देने के लिए निर्माण कार्य कराया जा रहा था।
महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि बुधवार सुबह मैं एक उद्घाटन के लिए जा रही थी। पराग दूध डेयरी के पास एक हनुमान जी का और परशुराम जी का मंदिर था। हम भी उस मंदिर में जा चुके हैं। उसमे टीन शेड पड़ा हुआ था, बड़ा ही खूबसूरत मंदिर था। जितना मंदिर बना था, बगल में उससे ज्यादा क्षेत्रफल में कोई मंदिर बनवा रहा है। यह निर्माण कौन करा रहा है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
महापौर ने बताया कि उस नए मंदिर में किसी भी प्रकार की कोई मूर्ति या प्रतिमा नहीं है। उसके ऊपर दो मंजिला निर्माण कार्य चल रहा है। मैंने मंदिर को छूने के लिए नहीं कहा है। हर दस कदम में मंदिर बनवाना ठीक नहीं है। मंदिर के अलावा जो भी निर्माण करा रहा है, वो गलत है। हमने अपने अधिकारियों से कहा कि आप की नाक के नीचे निर्माण हुआ है। आप लोगों इसको देखो और समझो ऐसा क्यों हो रहा है।
महापौर ने स्पष्ट किया कि मंदिर की आड़ में बड़े पैमाने पर कब्जा किया जा रहा था। जिस पर उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। मंदिर अपनी जगह पर ही स्थापित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों के आसपास किसी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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