फतेहपुर में विवादित धार्मिक स्थल का मामला एडीजे कोर्ट में स्थानांतरित, 17 को सुनवाई

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। विवादित धार्मिक स्थल (मंदिर-मकबरा) के मामले में स्वीकार पुर्नस्थापना पत्र के विरुद्ध जिला जज की अदालत में दाखिल अपील की अगली सुनवाई एडीजे कोर्ट प्रथम की अदालत में होगी। जिला जज की अदालत से मामला स्थानांतरित हो गया है। मामले की सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।
आबूनगर रेड्डया स्थित धार्मिक स्थल विवाद का मामला पूर्व से सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में विचाराधीन है। कोर्ट ने वादी पक्ष रामनरेश सिंह के पुत्र विजय प्रताप सिंह की ओर से कोर्ट में रेस्टोरेशन (पुर्नस्थापना पत्र) स्वीकार किए जाने का आदेश जारी किया था। इधर, दूसरे पक्ष के अधिवक्ता अनिल कुमार श्रीवास्तव ने आदेश के विरुद्ध जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी। जिला जज की अदालत में सुनवाई होनी थी। जिला जज की अदालत से अपील एडीजे प्रथम की कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित की गई है। कोर्ट ने अपील पर 17 दिसंबर की तारीख दी है।
बता दें प्रकरण में वर्ष 2010 में सिविल जज सीनियर डिवीजन ने टाइटिल सूट पर फैसला देकर रामनरेश सिंह की आबूनगर रेड्डया स्थित भूमि का वाद खारिज किया था। भूमि मंगी मकबरा के नाम खतौनी में जिला प्रशासन ने दर्ज की थी। मकबरा के मुतवल्ली अबू हरेरा के पिता दिवंगत मुतवल्ली मो. अनीश थे। अब प्रकरण में विपक्ष से मुतवल्ली अबू हरेरा और वादी पक्ष विजय प्रताप सिंह हैं। मामले में 11 अगस्त को मंदिर का दावा कर एक पक्ष के लोगों ने विवादित स्थल पहुंचे थे। जहां तोड़फोड़ की गई थी। जिसके बाद मामले को कोर्ट में चल रहा है।



