मुकेश अंबानी एंटीलिया मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे की जमानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट की अंतरिम रोक
देश के शीर्ष उद्योपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया बम केस के सिलसिले में जेल में बंद सचिन वाझे की जमानत पर रोक लग गई है। 24 घंटे में ही मुंबई पुलिस के संस्पेंड पुलिस अधिकारी को झटका लगा। वाझे को पांच साल बाद बेल मिली थी।

मुंबई,एजेंसी। उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटक सामग्री मिलने और कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत से जुड़े मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को मिली जमानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को अंतरिम रोक लगा दी। विशेष एनआईए अदालत ने मंगलवार को वाझे को जमानत दी थी, जिसके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद वाझे फिलहाल जेल में ही रहेंगे। मामले की अगली सुनवाई सात अक्टूबर को होगी।
न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ के समक्ष एनआईए की अपील पर सुनवाई हुई। एनआईए की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने विशेष अदालत के जमानत आदेश पर सवाल उठाते हुए दलील दी कि आदेश में कई तथ्यों और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। एनआईए ने एंटीलिया के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों के बयानों समेत अन्य सामग्री का भी हवाला दिया। दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के जमानत आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।
विशेष अदालत ने 29 सितंबर को वाझे को जमानत देते हुए उसके लंबे समय से जेल में रहने और मुकदमे के निकट भविष्य में पूरा होने की संभावना कम होने को महत्वपूर्ण आधार माना था। अदालत ने यह भी कहा था कि रिकॉर्ड पर ऐसा पर्याप्त सामग्री नहीं है जिससे यह निष्कर्ष निकले कि एंटीलिया के बाहर वाहन खड़ा किए जाने की घटना से अंबानी परिवार वास्तव में आतंकित हुआ था। अदालत के मुताबिक परिवार की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने के भी पर्याप्त प्रमाण सामने नहीं आए।
यह मामला 25 फरवरी 2021 को सामने आया था, जब दक्षिण मुंबई स्थित एंटीलिया के पास एक स्कॉर्पियो वाहन खड़ा मिला था। वाहन में जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरा पत्र बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। जांच में वाहन का संबंध ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन से सामने आया, जिन्होंने कुछ समय पहले वाहन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद चार मार्च 2021 को मनसुख हिरेन लापता हो गए और पांच मार्च को उनका शव ठाणे की एक खाड़ी से बरामद हुआ। एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से लदी कार और हिरेन की मौत के मामलों को जांच में आपस में जुड़ा माना गया। बाद में केंद्र सरकार ने मामले की जांच एनआईए को सौंप दी। एनआईए ने मार्च 2021 में सचिन वाझे को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि वाझे की एंटीलिया के बाहर वाहन खड़ा करने और हिरेन की हत्या की साजिश में भूमिका थी। वाझे इन आरोपों से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
विशेष अदालत के जमानत आदेश के बाद वाझे की रिहाई की संभावना बनी थी, लेकिन एनआईए की अपील पर हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने से फिलहाल उनकी जेल से बाहर आने की राह रुक गई है। अब सात अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में हाईकोर्ट एनआईए की चुनौती पर आगे विचार करेगा।




