कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ परिवाद दाखिल करने वाली मीरा को 10 लाख का नोटिस

मथुरा/उत्तर प्रदेश। वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामला एक बार चर्चा में आ गया है। मथुरा न्यायालय में परिवाद दाखिल करने वाली मीरा राठौर और गुंजन शर्मा को अनिरुद्धाचार्य की तरफ से 10 लाख रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस संबंधित पक्ष के हाईकोर्ट अधिवक्ता की ओर से प्रेषित किया गया है, जिससे मामला दोबारा सुर्खियों में आ गया है। वहीं मीरा राठौर ने नोटिस से डर कर चुप बैठने से इनकार कर दिया है। साथ ही एक वीडियो भी कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिए जारी किया।
गौरतलब है कि कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के महिलाओं के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर गुंजन शर्मा ने 28 अगस्त को मथुरा न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। इसके बाद मीरा राठौर ने भी इसी प्रकरण में अलग से परिवाद प्रस्तुत किया। दोनों मामलों के बाद यह विवाद लगातार चर्चा में बना रहा। अब मानहानि नोटिस मिलने के बाद प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है।
आगरा अखिल भारत हिंदू महासभा जिला अध्यक्ष मीरा राठौर का कहना है कि मानहानि का नोटिस भेजकर उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलती करने के बाद उल्टा मानहानि का नोटिस भेजा गया है। मीरा राठौर ने कहा कि यह वही स्थिति है, जब उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। उनके अनुसार यह लड़ाई महिलाओं के सम्मान की है और इसे किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।
गुंजन शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनके पास मामले से जुड़े पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने पेन ड्राइव के माध्यम से अदालत में पेश किया है। उनका कहना है कि महिलाओं को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। गुंजन शर्मा ने बताया कि 20 दिसंबर को उनके मामले की सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन शनिवार होने के कारण उनके अधिवक्ता ने पेशी से मना कर दिया था। दोनों परिवाद दाखिल करने वाली महिलाओं का कहना है कि वे अपने फैसले पर अडिग हैं। यह संघर्ष महिलाओं के स्वाभिमान की रक्षा के लिए आगे भी जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें मथुरा न्यायालय में 9 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस विवाद में आगे की दिशा तय होगी।




