यूपी की जेलों में बंद कैदियों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, सरकार ने कैदियों की श्रम आय की दोगुनी

राहुल सिंह,(लखनऊ/उत्तर प्रदेश)। राज्य सरकार ने बंदियों को उनकी आय में वृद्धि का तोहफा दिया है। जेलों में बंद सिद्धदोष व विचाराधीन बंदियों को उनके श्रम के लिए प्रदान किए जाने वाले पारिश्रमिक में दोगुना की बढ़ोतरी की गई है। कारागार विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। हाई कोर्ट के निर्देश पर यह बढ़ोतरी की गई है। कारागारों में वर्तमान में सिद्धदोष व विचाराधीन कुशल बंदियों से कराए जाने वाले श्रम के बदले 40 रुपये प्रतिदिन, अर्द्धकुशल को 30 रुपये प्रतिदिन व अकुशल बंदियों को 25 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाता है।
होमगार्ड एवं कारागार मंत्री धर्मवीर इस संबंध में बयान जारी करते हुए बताया गया कि जेल में बंद कैदियों को तीन श्रेणी में पैसा दिया जाता है। पहले कुशल कैदियों को अब तक 40 रुपये रोजाना मिलते थे। इसे बढ़ाकर अब 81 रुपये कर दिया गया है। वहीं, अर्ध कुशल कैदियों को पहले मेहनताना के तौर पर 30 रुपये मिलते थे, जिसे 60 रुपए कर दिया जाएगा। वहीं अकुशल कैदियों को अब 50 रुपये मेहनताना रोजाना मिलेगा। पहले उन्हें 25 रुपए दिए जाते थे।
इसके साथ ही अपने बयान में उन्होंने ये भी बताया कि कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यूपी के जेलों में बंद 36 कैदियों को रिहा किया गया था। वहीं, इस संबंध में यूपी पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक को लिखे गए पत्र में बताया गया कि प्रदेश के कारागारों में सिद्धदोष और विचाराधीन कुशल, अर्धकुशल व अकुशल बंदियों से कराए जाने वाले श्रम के बदले भुगतान किए जाने वाले पारिश्रमिक की दरों को बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा सिद्धदोष कैदियों के पारिश्रमिक में से शासन के आदेश अनुसार 22-06-2005 के मुताबिक पहले की तरह 15 फीसदी पीड़ित प्रतिकर की कटौती जारी रहेगी। महंगाई को देखते हुए यह राशि बढ़ाई गई है, जोकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 27 सितंबर 2022 के निर्णय के परिपेक्ष्य में किया गया है।




