बिहार में ‘प्यार का तूफान’ थाने में! प्रेमिका की जिद के आगे सब हारे, थानेदार बना शादी का गवाह
एक साल पहले फेसबुक की चैट से शुरू हुई प्रेम कहानी

जमुई/बिहार। कहते हैं प्यार जब परवान चढ़ता है तो पर्वत भी राई हो जाता है । परवान चढ़ा प्यार, आग का वो रूप है, जो रास्ते की हर रुकावट को जला देता है। जमुई में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक प्रेमिका ने न सिर्फ अपने प्यार को बचाया, बल्कि थाने में हाई-वोल्टेज ड्रामा के बीच अपने प्रेमी को हमेशा के लिए अपना बना लिया। ये कहानी है सुहाना और संदीप की। सुहानी की जिद के आगे पुलिस को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
जमुई का बरहट थाना… तारीख 6 मार्च 2025। सुबह का सन्नाटा अचानक चीखों और बहस की आवाजों से टूटा। एक तरफ गुस्साए परिजन, दूसरी तरफ प्यार में डूबी एक प्रेमिका, और बीच में फंसा एक प्रेमी। मंजर ऐसा कि पुलिस थाना किसी फिल्म का सेट नजर आने लगा। घंटों चले हाई-वोल्टेज ड्रामे… नोक-झोंक, ताने, और फिर वो पल जब प्रेमिका ने थानेदार के सामने ऐलान कर दिया- ‘या तो वो मेरा, या किसी का नहीं!’
इस प्रेम कहानी की शुरुआत होती है एक साल पहले, जब फेसबुक की एक चैट ने दो दिलों को ‘जोड़ा’। 20 साल का मेडिकल स्टूडेंट संदीप मांझी और मटिया मोहनपुर की बेटी सुहाना कुमारी। ऑनलाइन दोस्ती जल्द ही प्यार में बदली। फोन पर घंटों बातें, मुलाकातें, और साथ जीने-मरने की कसमें, लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब संदीप के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। ये खबर सुहाना के लिए ‘बिजली’ बनकर गिरी।
इसके बाद शुरू होता है असली खेल! सुहाना ने हार नहीं मानी। वो सीधे बरहट थाने पहुंची, हाथ में आवेदन लिए, आंखों में आंसू और दिल में अपने प्यार को बचाने की जिद। थानेदार से गुहार लगाई – ‘मैं बालिग हूं, वो बालिग है, हमें शादी का हक दो!’ पुलिस ने संदीप को बुलवाया। फिर क्या? थाने में दोनों परिवारों के बीच जंग छिड़ गई। गहमागहमी, चीख-पुकार, और वो सस्पेंस कि आखिर क्या होगा?
लेकिन प्यार की ताकत के आगे सब बेकार। संदीप और सुहाना ने शादी की जिद नहीं छोड़ी। थाने के बजरंगबली मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए गए। पुलिस गवाह बनी और परिजनों को भी आखिरकार झुकना पड़ा। नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देकर घर भेजा गया। ये शादी अब जमुई की गलियों में चर्चा का विषय बन चुकी है।




