लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर दिल्ली के डॉक्टरों से मांग रहे थे रंगदारी, पुलिस ने एक को दबोचा, अन्य की तलाश जारी

They were demanding extortion from Delhi doctors in the name of Lawrence Bishnoi, police arrested one, search for others continues

  • डॉक्टरों को गैंगस्टर के नाम से धमकी भरे लेटर भेजे गए
  • गोकुलपुरी से एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
  • आरोपी ने ठगी के लिए दूसरे के दस्तावेजों का किया इस्तेमाल

नई दिल्ली/एजेंसी। राजधानी के 10 से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से लेटर भेजकर रंगदारी मांगी गई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग जिलों में केस दर्ज किए थे। पुलिस ने जांच के बाद नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के गोकुलपुरी और यूपी के मैनपुरी के एक आरोपी की पहचान कर ली। गोकुलपुरी के आरोपी ऋषि (40) को पुलिस ने पकड़ लिया है, जिसके जरिए अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ समय से दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के प्रमुख डॉक्टरों को धमकी भरे लेटर भेजे जा रहे थे। डॉक्टरों से कहा गया था कि अगर उन्हें रकम नहीं भेजी गई तो उनका हश्र भी पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की तरह किया जाएगा। लेटर में एक अकाउंट नंबर भी दिया गया, जिसमें रकम भेजने को कहा गया। इससे डॉक्टरों में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस के पास शिकायतें आने लगीं, जिसके बाद दिल्ली के अलग-अलग जिलों के थानों में मुकदमे दर्ज किए गए।
पुलिस ने लेटर की जांच की, जिससे पता लगाया कि ये कहां से पोस्ट किए गए थे। पोस्ट करने वाली जगह की पहचान करने के बाद वहां और उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। बैंक अकाउंट को भी चेक किया गया, जिसमें रकम डालने को कहा गया था। इसके बाद पुलिस ने नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के गोकुलपुरी से ऋषि नाम के शख्स को शुक्रवार को पकड़ लिया। इसके जरिए यूपी के मैनपुरी में रहने वाले दूसरे आरोपी का पता चला। पुलिस की एक टीम को उसे पकड़ने के लिए रवाना किया गया है।
पुलिस तफ्तीश में पता चला कि आरोपी ऋषि पहले मजदूरी करता था, जो तीन-चार जगह नौकरी करने के बाद पैसे कमाने के लालच में इस गिरोह से जुड़ गया। यह एक तरह से ठगी करने वाला गैंग है, जिसने डॉक्टरों को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम से डरा कर पैसे ऐंठने की साजिश रची थी। इसके लिए किसी दूसरे शख्स के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक खाता खोला गया था। आरोपियों को लगता था कि डॉक्टर 5 लाख रुपये तक डर की वजह से आसानी से बैंक खाते में डाल देंगे और शिकायत भी नहीं करेंगे।
पुलिस अफसरों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाया जाएगा कि यह अब तक कितने डॉक्टरों और अस्पतालों को इस तरह के धमकी भरे लेटर लिख चुके हैं। अब तक कितने लोगों से यह रकम वसूल चुके हैं और दिल्ली के अलावा कितने राज्यों में यह इस तरह से दहशत फैलाने का काम कर चुके हैं। इस गैंग में दोनों के अलावा कोई अन्य मेंबर तो नहीं है, इसका भी पता लगाया जाएगा। शुरुआती जांच में अभी तक सामने आया है कि दिल्ली के किसी डॉक्टर या अस्पताल ने अब तक इनके बताए खाते में रकम नहीं भेजी थी।

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