कानपुर-बांदा रेलवे लाइन पर पलटने से बची मेमू ट्रेन, लकड़ी के मोटे गुटके देख ड्राइवर ने लगाई इमरजेंसी ब्रेक
MEMU train saved from overturning on Kanpur-Banda railway line, driver applied emergency brake after seeing thick wooden blocks

हमीरपुर/उत्तर प्रदेश। हमीरपुर में कानपुर-बांदा रेलवे लाइन पर कार्यदायी संस्था की बड़ी लापरवाही आज सामने आई है। स्टेशन के प्लेटफार्म के बीच पटरियों के बीच लकड़ी के मोटे गुटके लगे देख लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी जिससे बड़ा हादसा टल गया, वर्ना ट्रेन पलट सकती थी। इस मामले की सूचना स्टेशन प्रबंधक ने आरपीएफ समेत उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पाते ही रेलवे के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को कानपुर से मानिकपुर जाने वाली मेमू ट्रेन हमीरपुर जिले के भरुआ सुमेरपुर रेलवे स्टेशन में प्लेटफार्म नंबर-तीन पर पहुंचने वाली थी। तभी लोको पायलट की पटरियों और प्लेटफार्म की दीवाल के बीच लगे लकड़ी के मोटे गुटके पर नजर पड़ गई। लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोको पायलट ने वॉकी टॉकी के जरिए स्टेशन प्रबंधक को इसकी जानकारी दी। तो स्टेशन के कर्मचारी प्लेटफार्म नंबर तीन की तरफ दौड़ पड़े। रेलवे कर्मियों ने आननफानन लकड़ी के गुटकों को हटाया। स्टेशन प्रबंधक ने कार्यदायी संस्था की लापरवाही की सूचना आरपीएफ व उच्चाधिकारियों को दी। आरपीएफ व रेलवे के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
रेलवे के अभियंता उपेन्द कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था के कर्मियों ने बड़ी लापरवाही की है। बताया कि रेलवे लाइन पर दोहरीकरण का कार्य केपीटीएल कंपनी करा रही है। कंपनी प्लेटफार्म में कार्य कराने के लिए पटरियों व प्लेटफार्म की दीवार के बीच लकड़ी के मोटे गुटके लगा रखे थे। कार्य कराने के बाद कंपनी के कर्मचारी इन्हें हटाना भूल गए। रेलवे के अभियंता उपेन्द्रकुमार ने बताया कि इस मामले की जांच डिपार्टमेंट के अफसरों और इंजीनियरों ने शुरू कर दी है। बताया कि यहां दोहरीकरण के कार्य कराने वाली केपीटीएल कंपनी के कर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस मामले की जांच के बाद कार्यदायी केपीटीएल कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।




