घटिया काम पर भाजपा जिला अध्यक्ष की कंपनी को किया ब्लैकलिस्ट, फिर दिया स्टे

मुंबई/एजेंसी। उल्हासनगर मनपा ने बीजेपी के शहर जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी के ठेकेदार बेटे की कंपनी को पहले ब्लैकलिस्ट किया और कुछ दिन में ही ब्लैकलिस्ट के आदेश पर स्टे दे दिया। इस मामले में मनपा प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। मनपा से मिली जानकारी के अनुसार, नवंबर 2022 में उल्हासनगर के कुछ इलाकों में पानी की पाइप लाइन बिछाने के लिए ए.एम. रामचंदानी कंपनी को ठेका दिया था। कंपनी ने टेंडर में तय पाइप की जगह सामान्य कंपनी के दूसरे पाइप का उपयोग किया। जब कुछ स्थानीय राजनेताओं को घटना के बारे में पता चला और फिर मनपा के जल आपूर्ति विभाग से शिकायत की, तो इसका पता चला। ठेकेदार पर दूसरी कंपनी के पाइप का उपयोग करने का आरोप लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूएमसी इंजिनियर्स ने काम का निरीक्षण किया और जांच में पता चला कि कंपनी में सही क्वालिटी के पाइप नहीं लगाए हैं। इसके बाद उन्होंने ठेकेदार को पाइप लाइन के ऊपर सीमेंट सड़क बनाने से पहले पाइप बदलने और टेंडर में दिए गए पाइप का उपयोग करने के लिए कहा।
ठेकेदार ने आदेश का पालन नहीं किया, तो उल्हासनगर मनपा के अतिरिक्त नगर आयुक्त जमीर लेंगरेकर ने मामले में कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मनपा आयुक्त अजीज शेख को प्रस्ताव भेजा, जिसे शेख ने हाल में मंजूरी दे दी और कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके बाद, ठेकेदार रोहित रामचंदानी ने आयुक्त के पास जाकर उनके आदेश पर अपील दायर की और कहा कि उसने बेहतर गुणवत्ता का पाइप लगाया है, क्योंकि टेंडर में निर्धारित कंपनी का पाइप उपलब्ध नहीं था।
यह काम मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद किया गया। शेख ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने के अपने आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। अंतिम निर्णय के लिए मुद्दे पर आगे की सुनवाई का भी समय दिया है। इस मुद्दे पर पूछे जाने पर बीजेपी के उल्हासनगर जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने कहा, ‘मैं अपने बेटे की कंपनी से जुड़ा नहीं हूं।’
जन संबंधी मुद्दे पर आवाज उठाने वाले एक कार्यकर्ता ने कहा, ‘मनपा का किसी भी कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और कुछ दिनों के भीतर ऑर्डर पर दोबारा स्टे देने का फैसला उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।’ वहीं, आयुक्त शेख का इस बारे में कहना है, ‘हम हर पहलू की जांच करेंगे, इसके बाद निर्णय लेंगे। आने वाले 2 से 3 दिन में ही हम इस पर जांच कर निर्णय ले लेंगे।’

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