‘मुख्यमंत्री साहेब गायें दूध कम दे रहीं, डीजे बंद करवाइए’, बनारस से आए फरियादी ने सीएम योगी से की अजब गुहार

वाराणसी के एक पशुपालक की गायें शोर की वजह से कम दूध दे रही हैं

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। सोमवार को मुख्यमंत्री गोरखपुर में थे, जहां उन्होंने जनता दर्शन के दौरान 150 फरियादियों की फरियाद सुनी। इस दौरान बनारस के थाना चोलापुर क्षेत्र के दशवतपुर गांव से आए संदीप सिंह ने एक अलग ही मुद्दा उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई कि ,महाराज जी, डीजे का शोर कम या इसे बंद ही करा दें।इसकी तेज आवाज से हमारी गायें औसत से कम दूध दे रही हैं, जिसका सीधा असर हमारे व्यापार, स्वास्थ्य और पशुओं की सेहत पर पड़ रहा है। आम दिनों में जो गाय एक टाइम में 5 से 6 लीटर तक दूध देती है। वह शादी विवाह या किसी विशेष आयोजन के समय जब डीजे बजाया जाता है तो गायों का दूध 2 से 3 लीटर तक कम हो जाता है। कभी-कभी गायें भड़क भी जाती है, जिससे जानवर सहित अन्य लोगों के भी घायल होने की संभावना बनी रहती है।
संदीप सिंह ने अपने पत्र के माध्यम से कानून और नियमों का हवाला देते हुए शिकायत की है कि महाराज जी कई बार तो डीजे 10:00 बजे के बाद भी तेज ध्वनि में बजता है। जबकि नियम के अनुसार 50 से 60 डेसिबल तक ही ध्वनि विस्तारित की जा सकती है। सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन में भी 60 से 70 डेसिबल तक ही ध्वनि की अनुमति है। निवेदन है कि सभी थानों पर ध्वनि नापने का यंत्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि डीजे की धुन और उसकी तेज आवाज को मापा जा सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। धर्म की आड़ में स्वास्थ्य के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है, इसे तत्काल प्रभाव से रोका जाए। लोग धर्म के नाम पर तेज डीजे बजाकर माहौल खराब कर रहे हैं।
बकौल संदीप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनकी बातों को संज्ञान में लेते हुए आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द इसके खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्यवाई की जाएगी। हालांकि उनके लिए पहले से ही नियम निर्धारित है।फिर भी यदि ऐसा हो रहा है तो जांच कराने के बाद दोषियों पर कार्यवाही निश्चित रूप से होगी। इस बारे में जब पूर्व पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीके सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि तेज ध्वनि जो 100 डेसिमल और उससे ऊपर की होती है। वह बेहद खतरनाक मानी जाती है। जो मनुष्य के साथ-साथ जानवरों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालती है। यह सही है कि तेज ध्वनि के कारण पशुओं के दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है। इस पर तत्काल कंट्रोल होना बेहद जरूरी है।

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