आसमान में भारत की ढाल बनेगा रूसी सिस्टम, एक्सपर्ट ने बताया क्यों जरूरी है ‘हवाई कवच’

Russian system will become India's shield in the sky, expert told why 'air shield' is necessary

मॉस्को/एजेंसी। रूस की तरफ से भारत को एक मजबूत हवाई सुरक्षा कवच बनाने में मदद की जा सकती है। रूस की मदद से एक ऐसा सिस्टम भारत बना सकता है, जिससे उसे दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन, मिसाइल और हवाई हमलों को रोकने में कामयाबी मिलेगी। ‘नेशनल डिफेंस’ पत्रिका के सैन्य विशेषज्ञ इगोर कोरोटचेंको ने स्पुतनिक इंडिया से बातचीत में ये कहा है। उनका कहना है कि ऐसा सुरक्षा कवच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि ये भारत को एक प्रमुख सैन्य ताकत बना देगा। हालांकि यह कब होगा, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है।कोरोटचेंको के अनुसार, एक मजबूत एयरोस्पेस रक्षा प्रणाली किसी भी वैश्विक शक्ति और शीर्ष सैन्य देश की पहचान होती है। भारत के सामने दो प्रमुख भूराजनीतिक प्रतिद्वंदी चीन और पाकिस्तान है। इन दोनों देशों के पास ताकतवर वायु सेना और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हथियारों की होड़ के चलते भी कई देश मिसाइल प्रणालियां हासिल कर रहे हैं, जिससे भारत के पास एयरोस्पेस सुरक्षा का होना बेहद जरूरी हो गया है।
कोरोटचेंको का कहना है कि किसी भी एयरोस्पेस रक्षा प्रणाली की रीढ़ दो चीजों पर टिकी होती है। पहला- मिसाइल हमले की पूर्व चेतावनी प्रणाली और दूसरा-आने वाले खतरों को निष्क्रिय करने वाले इंटरसेप्टर। ऐसे में भारत के लिए रूसी सिस्टम पर दांव लगाना सबसे मुफीद रहेगा। भारत पहले ही रूसी एयर डिफेंस सिस्टम S-400 के लिए डील कर चुका है। दुनिया के दूसरे विकल्पों का आकलन करने के बाद भारतीय विशेषज्ञों ने S-400 को सबसे बेहतर सुरक्षा कवच के रूप में चुना है।
कोरोटचेंको को लगता है कि S-400 भारत के एयरोस्पेस कवच के लिए एकदम सही है। ऐसा कहने की वजह ये है कि S-400 एक दोहरे उद्देश्य वाली प्रणाली है। यह दुश्मन के विमानों और ड्रोन के खिलाफ हवाई रक्षा के साथ ही बैलिस्टिक मिसाइलों से भी रक्षा करती है। यह भारत को एयरोस्पेस क्षेत्र में किसी भी खतरे से आगाह भी करेगी और खतरे को खत्म भी करेगी।
इगोर कोरोटचेंको का कहना है कि एक सक्षम एयरोस्पेस रक्षा प्रणाली भारत जैसे देश के लिए जरूरी है। ड्रोन और मिसाइल तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में S-400 भारत की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कवच साबित हो सकता है। रूस से भारत को यह सिस्टम मिलेगा तो उसकी हवाई सुरक्षा मजबूत हो जाएगी। भारत को अपने पुराने सहयोगी रूस से जल्दी ही ये सिस्टम मिल सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button