‘क्या भारत में मृत्युदंड संवैधानिक है?’ सीजेआई चंद्रचूड़ ने एआई वकील से पूछा सवाल
'Is death penalty constitutional in India?' CJI Chandrachud asks AI lawyer

नई दिल्ली। भारत के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ आज सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय न्यायिक संग्रहालय और अभिलेखागार के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने एआई वकील से एक सवाल पूछा। भारत में मृत्युदंड की संवैधानिक वैधता को लेकर सीजेआई ने सवाल पूछा जिसपर उन्हें एआई से काफी संतोषजनक जवाब मिला।
सीजेआई चंद्रचूड़ आज राष्ट्रीय न्यायिक संग्रहालय और अभिलेखागार के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ बाकी जज और वकीलों की फौज थी। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद आर्टिफिशियल इंटलिजेंस का भी उपयोग किया।एआई वकील से उन्होंने पूछा कि क्या भारत में मृत्युदंड संवैधानिक है? इस सवाल पर सीजेआई को इस नई तकनीक की मदद से जवाब भी मिला।
एआई वकील ने सीजेआई चंद्रचूड़ के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हां, भारत में मृत्युदंड संवैधानिक है, लेकिन यह केवल दुर्लभ मामलों में और कुछ विशेष दिशानिर्देशों के अनुसार ही लागू किया जाता है। सीजेआई मृत्युदंड को लेकर दिए जवाब से संतुष्ट दिखे और इसके बाद वह आगे चले गए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूद ने कहा कि इस म्यूजियम की कल्पना और योजना बनाने में लगभग डेढ़ साल का समय लगा है। वास्तविक निर्माण में लगभग छह महीने लगे हैं। यह कोर्ट के कामकाज के साथ-साथ किया गया है। हमने सोचा कि हमें सिर्फ कलाकृतियों का संग्रहालय नहीं चाहिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों की तर्ज पर एक ऐसा संग्रहालय चाहिए जो हमारे संस्थान और उच्च न्यायालयों के महत्व को हमारे नागरिकों को न्याय दिलाने और उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करने में प्रदर्शित करे। यह हमारे देश के जीवन में अदालत के महत्व का प्रतीक है। इसलिए, अपने सभी साथियों की ओर से, मुझे यह संग्रहालय राष्ट्र को समर्पित करते हुए खुशी हो रही है, ताकि यह संग्रहालय युवा पीढ़ी के लिए एक इंटरैक्टिव स्थान बन सके।



