रोहिणी में मुठभेड़ के बाद तीन बदमाश गिरफ्तार
गैंगवार का बदला लेने के लिए की थी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या

नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी जिला के शास्त्री पार्क इलाके में गैंगवार में बीते 24 जनवरी की रात प्राॅपर्टी डीलर समीर उर्फ कम्मु पहलवान को पांच गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस कांड में शामिल तीन बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने रोहिणी में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वसीम हशमत नाम के बदमाश की हत्या का बदला लेने के लिए प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की गई थी। मुठभेड़ में तीनों बदमाशों के पैरों में गोलियां लगने से वे घायल हो गए। उनके पास से प्वाइंट 32 बोर की चार सेमी आटोमैटिक पिस्टल, 11 कारतूस, छह खोखे व स्कूटी बरामद की गई है।
डीसीपी, क्राइम ब्रांच, संजीव कुमार यादव के मुताबिक गिरफ्तार किए गए बदमाशों के नाम रहमान (सीलमपुर), आदिल (शास्त्री पार्क) और मोहम्मद अयान (ब्रह्मपुरी) है। इंस्पेक्टर मान सिंह, अरविंद सिंह व सुंदर गौतम की टीम को प्राॅपर्टी डीलर की हत्या में शामिल बदमाशों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच में जुटी पुलिस टीम को सूचना मिली कि वारदात में शामिल बदमाश, अजमल खान पार्क, सेक्टर-28, रोहिणी के पास किसी से मिलने आने वाले हैं।
उक्त सूचना पर 27 जनवरी की रात करीब 11.40 बजे पुलिस टीम ने एक स्कूटी पर सवार तीन संदिग्ध को जब रुकने का इशारा किया तब उन्होंने पुलिस पार्टी पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिसकर्मियों ने भी गोलियां चलाई जिसमें तीनों बदमाश के पैरों में गोलियां लगने से वे घायल हो गए। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारी का कहना है कि 30 दिसंबर की रात वसीम हशमत नाम के बदमाश की शास्त्री पार्क इलाके में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
कुख्यात गैंग्स्टर लारेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गिरोह के बदमाशों ने गैंगवार में वसीम की हत्या की थी। बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क स्थित डीडीए पार्क के पीछे वसीम की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद लारेंस बिश्नोई गिरोह ने जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि वसीम को हाशिम बाबा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मारा गया। वसीम अपना गिरोह चलाता था। उसपर पहले भी गैंगवार में कई बार हमला किया गया लेकिन वह बच था।
2024 में भी जीटीबी हाॅस्पिटल में एक शूटआउट के दौरान हाशिम बाबा गिरोह के बदमाशों ने वसीम को मारने की कोशिश की थी लेकिन गलती से वहां भर्ती मरीज रियाज़ुद्दीन को गोली लगने से उसकी मौत हो गई थी। वसीम की हत्या के बाद उसके गिरोह के सदस्यों ने मौत का बदला लेने की कसम खाई थी। उन्हें शक था कि हाशिम बाबा से जुड़ा समीर ने वसीम की हत्या का प्लान बनाया था। इसलिए 24 जनवरी की रात वसीम गिरोह के चार हथियारबंद बदमाशों ने समीर की हत्या कर दी थी। तीनों के खिलाफ पहले के कई मामले दर्ज हैं।




