हरियाणा के तहसीलदार और पटवारी का गजब कारनामा, बैंक में गिरवी रखी गई जमीन की ही कर दी रजिस्ट्री

Amazing feat of Haryana's Tehsildar and Patwari, they registered the land which was mortgaged in the bank

फरीदाबाद/हरियाणा। राजस्व विभाग में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर होने वाला खेल रुक नहीं रहा है। पिछले दिनों बड़खल तहसील में कार्यरत तहसीलदार नेहा सारण के खिलाफ करोड़ों रुपये की जमीन की नीलामी करने का आरोप लगा था। उनके खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी है। अब नया मामला सेक्टर 58 थाना क्षेत्र का सामने आया है। यहां हल्का पटवारी और गोंछी तहसीलदार पर बैंक के अधीन रखी जमीन की रजिस्ट्री करने का आरोप लगा है। बैंक प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक सिकरौना शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक विजय सिंह ने दी शिकायत में बताया कि गांव भनकपुर निवासी रोशनलाल ने साल 2009 में किसी काम से बैंक से दो बार में करीब 75 हजार रुपये लोन लिया था। लोन के बदले उन्होंने 13 मई 2009 को अपनी कृषि योग्य जमीन बैंक में गिरवी रखी थी। उन्होंने बताया कि रोशनलाल ने बगैर लोन चुकाए अपनी गिरवी रखी जमीन को 29 मार्च 2013 को गिर्राज देवी नामक महिला को बेच दिया।
बैंक मैनेजर का आरोप है कि रोशनलाल ने अपने क्षेत्र के हल्का पटवारी और तहसीलदार गोंछी से सांठगांठ करके बैंक में गिरवी रखी गई जमीन दूसरे को बेचकर उसकी रजिस्ट्री करवा दी। हैरानी की बात ये है कि राजस्व अधिकारियों ने रजिस्ट्री करने से पहले बैंक से नो ड्यूज लेना भी उचित नहीं समझा। इससे साफ है कि दोनों अधिकारियों ने मिलीभगत करके रजिस्ट्री की है।
पुलिस एक साल तक चुप्पी साधे रहीबैंक प्रबंधक ने पुलिस कमिश्नर को भेजी शिकायत में बताया कि बैंक की शाखा के पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक ने आरोपी रोशनलाल के खिलाफ एक शिकायत चौकी इंचार्ज पुलिस चौकी सिकरौना को 8 नवंबर 2023 को दी थी। लेकिन एक साल से ज्यादा समय बाद भी पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की और न ही एफआईआर दर्ज की। आरोपियों से बैंक की ऋण राशि वसूल करवाई जाए। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर सेक्टर 58 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

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