बैरी सोथरापुर माइनर में दो दशक से पानी न आने के कारण नहर का अस्तित्व हो रहा समाप्त
The canal is coming to an end due to non-availability of water in Bari Sothrapur Minor for two decades

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। दिल्ली रामगंगा माइनर से निकला मझली नहर से खखरेरु सोथरापुर माइनर में दो दशक से पानी न आने के कारण नहर का अस्तित्व दिन प्रतिदिन समाप्त हो रहा है जो की सफाई का कार्य इस माइनर में नहीं किया गया क्षेत्रीय किसान थोड़ा बहुत जमीन ट्यूबवेल के सहारे से सिंचाई करते हैं। जबकि योगी सरकार एक तरफ किसानों की दुगनी आय का ढिंढोरा पीठ रहीं हैं वही नहर विभाग के आला अधिकारी ऑफिस में बैठकर हवा हवाई जुमलेबाजी कर लोगों को गुमराह करते हैं बताते हैं की नहरों में पानी दौड़ रहा हैं जबकि हकीकत कुछ और बयां करती हैं।
क्षेत्रीय किसान में ,रवि सिंह, प्रबोधराज सिंह , संतोष सिंह , चंद्रसेन, ज्ञान सिंह, छोटू सिंह, गांधी सिंह, गंगाराम आदि लोगों का कहना है कि यह नहर में पानी पूर्व में जब जनता दल की सरकार रही तब से आज तक इस माइनर में पानी के दर्शन तक नहीं हुए हैं। सिंचाई का कार्य निजी ट्यूवेब से किया जा रहा हैं किसानों को महंगे दाम पर सिंचाई करनी पड़ रहीं हैं मजबूरी में इन साधनों से पानी लिया जाता हैं। किसानों यह भी बताया की गेहूं की फ़सल की बुवाई में देर हो रहीं हैं लेकिन अब कोई रास्ता न होने कारण प्राइवेट ट्यूबवेलों से सिंचाई करने के लिए बहुत लम्बी दुरी तक पाइप के सहारे पानी खेत तक ले जाना पड़ता हैं जिससे दिक्क़तों का सामना करना पड़ता हैं। तथा सिंचाई अधिक होने के कारण लागत भी बढ़ जाती हैं जिससे किसानों को अच्छी खासी चपत बैठ जाती हैं।
इस विषय में नहर विभाग जेई विकास जी ने बताया कि नहर में अवैध तरीके से बनी खंदी की वजह से पूरे माईनर पानी नहीं पहुंच पाता जल्द ही खंदी कटवाकर किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा।




