दिल्ली जाने के लिए लगाना होगा 3 किमी लंबा चक्कर, बंद होगी साहिबाबाद पुलिया

एक साल तक रहेगा डायवर्जन!

  • पुलिया पुनर्निर्माण का काम अगले हफ्ते से शुरू होगा
  • निर्माण के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा
  • पुनर्निर्माण पर 12.41 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ

गाजियाबाद। साहिबाबाद वासियों के लिए राहत और आफत एक साथ दस्तक देने चाली है! सालों से जर्जर और खतरनाक हो चुकी बृज विहार नाले की पुलिया के पुनर्निर्माण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। अगले हफ्ते से काम भी शुरू होने की उम्मीद है, जो लंबे समय में ततेो सुविधा देगा, लेकिन अगले एक साल ब्या उससे भी अधिक समय तक हजारों लोगों के लिए रोजाना की मुसीबत का सवय बनेगा। डेल्टा कॉलोनी, बृज विहार और सूर्यनगर के निवासियों को दिल्ली जाने के लिए अब करीब 3 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना होगा, क्योंकि मुख्य मार्ग बंद कर दिया जाएगा।उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल अथॉरिटी (यूपीसीडा) अगले हफ्ते से साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया में वृज विहार की तरफ से आने वाले नाले पर बनी पुरानी और क्षतिग्रस्त पुलिया को तोड़कर नई बनाने का काम शुरू करेगी। यह पुलिया लंबे समय से जर्जर हालत में थी, धंस चुकी थी और कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
सूर्यनगर की तरफ से वाहनों को कंट्री इन की ओर मोड़ने के लिए सेंट्रल वर्ज को तोड़ा जाएगा और बिजली के खंभे हटाए जाएंगे। यह काम एक हफ्ते में करने का लक्ष्य है। इसके बाद पुलिया को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और भारी मशीनरी मौके पर पहुंच जाएगी। पुलिया निर्माण के चलते सबसे बड़ा बदलाव ट्रैफिक रूट में होगा। ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके तहत, डेल्टा कॉलोनी, बृज विहार और सूर्यनगर से महाराजपुर बॉर्डर होते हुए दिल्ली जाने वाले लोग अब गहराजपुर की तरफ वाली सीधी रोड का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। उन्हें सूर्यनगर पुलिया से उतरकर बीएचईएल गेट के सामने से कंट्री इन होटल की ओर मुड़ना होगा। वहां से लिंक रोड पकड़‌कर डाबर तिराहा होते हुए बर्मन रोड के जरिए ही वे दिल्ली में प्रवेश कर पाएंगे।
पुनर्निर्माण के लिए 12.41 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ। पुलिया के नीचे से गुजर रही बिजली लाइन को शिफ्ट करना बड़ी चुनौती थी। इसमें न सिर्फ वक्त लगा, बल्कि इसका 6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च भी बह गया। साथ ही पास से गुजरने वाली जल निगम की टीएसटीपी पाइपलाइन की लोकेशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसे सुलझाने में भी काफी समय लगा।

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