सेबी ने चार कंपनियों को आईपीओ लाने की दी मंजूरी, बाजार से जुटाएंगी हजारों करोड़ रुपये

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने चार कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम लाने की औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इनमें सागर डिफेंस इंजीनियरिंग, एनक्यूब एथिकल्स, अर्जुन ज्वैलर्स और आईएफएल फाइनेंस शामिल हैं।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने रक्षा क्षेत्र की कंपनी सागर डिफेंस इंजीनियरिंग लिमिटेड, विशेष दवाओं का निर्माण करने वाली एनक्यूब एथिकल्स, आभूषण खुदरा विक्रेता अर्जुन ज्वैलर्स और स्वर्ण ऋण पर केंद्रित एनबीएफसी आईएफएल फाइनेंस को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की मंजूरी दे दी है। इन चारों कंपनियों को बाजार नियामक की ओर से आवश्यक टिप्पणियां मिलने के बाद आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

सेबी के अनुसार, इन कंपनियों ने जुलाई से एक अगस्त के बीच आईपीओ के लिए अपने शुरुआती दस्तावेज जमा किए थे। नियामक से 21 अक्टूबर से चार नवंबर के बीच इन्हें टिप्पणियां प्राप्त हुईं। सागर डिफेंस इंजीनियरिंग को चार नवंबर को मंजूरी संबंधी टिप्पणियां मिलीं। कंपनी ने आईपीओ के मसौदा दस्तावेज गोपनीय मार्ग के माध्यम से जमा किए थे। बाजार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सागर डिफेंस इंजीनियरिंग के प्रस्तावित आईपीओ का आकार करीब 3,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

एनक्यूब एथिकल्स का प्रस्तावित 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में आएगा। इसके तहत कंपनी के प्रवर्तक मेहुल मधुसूदन शाह और मौजूदा शेयरधारक फ्रंटियर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। चूंकि इस निर्गम में कोई नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले प्रवर्तकों और मौजूदा निवेशकों को प्राप्त होगी। कंपनी को इस निर्गम से सीधे कोई धनराशि नहीं मिलेगी।

वहीं, आभूषण क्षेत्र की कंपनी अर्जुन ज्वैलर्स के प्रस्तावित आईपीओ में 200 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इस निर्गम में बिक्री पेशकश का कोई हिस्सा शामिल नहीं है। यानी आईपीओ के माध्यम से जुटाई जाने वाली पूरी राशि कंपनी को प्राप्त होगी, जिसका उपयोग वह अपनी कारोबारी जरूरतों के लिए कर सकेगी।

स्वर्ण ऋण कारोबार से जुड़ी आईएफएल फाइनेंस के आईपीओ में भी नए शेयर जारी करने और मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने, दोनों का प्रस्ताव है। कंपनी अधिकतम 3.55 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जबकि मौजूदा शेयरधारक 30 लाख तक शेयरों की बिक्री पेशकश करेंगे। इस तरह चारों कंपनियों के प्रस्तावित निर्गमों की संरचना और उनसे जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग अलग-अलग होगा।

सेबी की मंजूरी के बाद अब इन कंपनियों के आईपीओ से जुड़ी आगे की प्रक्रियाओं पर निवेशकों की नजर रहेगी। निर्गम की अंतिम तारीख, शेयरों का मूल्य दायरा और बाजार में सूचीबद्धता से संबंधित जानकारी कंपनियों की ओर से बाद में घोषित की जाएगी।

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