सलवान पब्लिक स्कूल में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, 150 विद्यार्थियों को यातायात नियमों की दी गई जानकारी
मयूर विहार फेज-3 स्थित सलवान पब्लिक स्कूल में कल्याणपुरी यातायात सर्किल और विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्वी रेंज की पुलिस उपायुक्त श्वेता सिंह चौहान के निर्देशन और यातायात निरीक्षक विनय सिंह के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में करीब 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड
पूर्वी दिल्ली। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से मयूर विहार फेज-3 स्थित सलवान पब्लिक स्कूल, प्रगति मार्ग में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कल्याणपुरी यातायात सर्किल और विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में करीब 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना और उन्हें यातायात नियमों के महत्व से परिचित कराना था।
पूर्वी रेंज की पुलिस उपायुक्त श्वेता सिंह चौहान के निर्देशन और यातायात इंस्पेक्टर विनय सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस पहल के दौरान यातायात सर्किल के कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। सड़क पर थोड़ी सी असावधानी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ चलना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क पार करने के सुरक्षित तरीके समझाए गए। उन्हें सलाह दी गई कि सड़क पार करने से पहले दोनों ओर देखकर वाहनों की आवाजाही का ध्यान रखें और निर्धारित पैदल पार पथ का इस्तेमाल करें। सड़क पार करते समय जल्दबाजी करने, चलते वाहनों के बीच से निकलने और यातायात संकेतों की अनदेखी करने से बचने पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि सड़क पर चलते समय मोबाइल फोन या अन्य गतिविधियों में ध्यान लगाने के बजाय आसपास की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
साइकिल चलाने वाले विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें समझाया गया कि साइकिल चलाते समय संतुलन बनाए रखना, वाहनों की आवाजाही पर ध्यान देना और यातायात संकेतों का सम्मान करना सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक है। लाल बत्ती, हरी बत्ती और अन्य यातायात संकेतों के अर्थ तथा उनका पालन करने के महत्व को भी समझाया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपने परिवार के सदस्यों के बीच सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। उनसे कहा गया कि वे अपने माता-पिता और अन्य परिजनों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने तथा कार में यात्रा के दौरान सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्हें बताया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित इस्तेमाल दुर्घटना की स्थिति में चोट की गंभीरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को यातायात नियमों और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस तरह के संवाद का उद्देश्य बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करना और उन्हें रोजमर्रा की परिस्थितियों में यातायात नियमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। विद्यार्थियों को बताया गया कि वे स्वयं नियमों का पालन करके अपने आसपास के लोगों के लिए भी उदाहरण बन सकते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में बचपन से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी विकसित करना था। विद्यालय और यातायात पुलिस की इस संयुक्त पहल के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित सड़क व्यवहार अपनाने तथा अपने परिवार और समाज में यातायात नियमों के पालन का संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। विशेष रूप से विद्यार्थियों को कम उम्र से यातायात नियमों की जानकारी देने से उनमें सुरक्षित व्यवहार की आदत विकसित करने में मदद मिल सकती है। सलवान पब्लिक स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सड़क सुरक्षा सभी की साझा जिम्मेदारी है और नियमों का पालन करके अनेक दुर्घटनाओं से बचाव किया जा सकता है।




