मुंबई में 39 हजार झुग्गियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, समाजवादी पार्टी विधायक अबू आजमी ने किया विरोध
मुंबई में 14 फीट से ऊंची झुग्गियों को गिराने की तैयारी है। इसको लेकर महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने 14 फीट से ऊंची झुग्गी-झोपड़ियों को गिराने के प्रस्ताव को लेकर बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े से मुलाकात की। उन्होंने नगर निकाय की प्रस्तावित कार्रवाई को रोकने की मांग की।

मुंबई,एजेंसी। महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं विधायक अबू आजमी ने 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली झुग्गी-झोपड़ियों पर प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आयुक्त अश्विनी भिड़े से मुलाकात की। उन्होंने कार्रवाई पर रोक लगाने और प्रभावित लोगों के लिए व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की। बीएमसी ने करीब 39 हजार ऐसी झुग्गी संरचनाओं पर कार्रवाई की योजना बनाई है, जिसे एक अक्टूबर से शुरू किया जाना प्रस्तावित है।
मुलाकात के बाद अबू आजमी ने कहा कि अधिकारियों के साथ प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई है। उनके अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में झुग्गियों पर एक साथ कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन प्रभावित परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए रास्ता निकालना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है।
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद उनके परिजनों के प्रदर्शन को लेकर आजमी ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। छात्र के परिवार ने जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जबकि आईआईटी बॉम्बे ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है। मामले में पुलिस जांच जारी है और छात्र के परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
उज्जैन में मस्जिद से जुड़े विवाद पर आजमी ने कहा कि उनके अनुसार वर्ष 1947 से पहले मौजूद धार्मिक स्थलों को यथास्थान बनाए रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य के लिए यदि रास्ते या अन्य व्यवस्था की जरूरत हो तो वैकल्पिक उपाय तलाशे जाने चाहिए। उन्होंने मस्जिद गिराने की किसी भी घोषणा का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि धार्मिक मुद्दों के जरिए राजनीतिक ध्रुवीकरण किया जा रहा है। ये आजमी के राजनीतिक आरोप और विचार हैं।
सांताक्रूज सीवर हादसे को लेकर भी आजमी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों की सुरक्षा और बुनियादी समस्याओं के बजाय राजनीतिक एवं धार्मिक मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने हादसे की जिम्मेदारी तय करने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की। आजमी ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।




