राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सीबीआई जांच की मांग
अयोध्या के राम मंदिर दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में सीबीआई के नेतृत्व में समयबद्ध जांच और एक मजबूत ऑडिट तंत्र स्थापित करने की मांग की गई है।

नई दिल्ली/एजेंसी। अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के लिए प्राप्त दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं और हेराफेरी के आरोपों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस प्रकरण ने देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को झकझोर दिया है।
सोमवार को अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर जनहित याचिका में मामले में एफआईआर दर्ज कर सीबीआई के नेतृत्व वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) से समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास भी जुड़ा हुआ है।
याचिका में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निर्देश देने की मांग की गई है कि चढ़ावे की राशि की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक सुदृढ़ ऑडिट एवं नियामक व्यवस्था स्थापित की जाए।
गौरतलब है कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था, जिसमें लखनऊ के आयुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। हालांकि याचिका में कहा गया है कि इस एसआईटी ने बिना किसी एफआईआर या आपराधिक मामला दर्ज किए जांच शुरू की है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इतने जटिल वित्तीय और आपराधिक मामले की निष्पक्ष एवं पेशेवर जांच के लिए सीबीआई जैसी विशेषज्ञ एजेंसी से जांच कराना आवश्यक है, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालुओं का भरोसा कायम रह सके।




