वाराणसी की गंज शहीदां मस्जिद होगी ध्वस्त, दो दिन पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को लगी थी मिर्ची
काशी की गंज शहीदां मस्जिद पर रेलवे का नोटिस चिपकाया गया है। इसे ध्वस्त करने की कार्रवाई पूरी कराई जाएगी। यह मामला खासी चर्चा में बना हुआ है।

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। वाराणसी में काशी स्टेशन के विस्तारीकरण की जद में आ रही गंज शहीदां मस्जिद का मुद्दा गरमाया हुआ है। इस मुद्दे पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद विवाद गहराया था। स्थानीय लोगों और मस्जिद कमिटी की ओर से इस मामले में पाकिस्तानी राष्ट्रपति को कड़ी नसीहत दी गई। इसे भारत का अंदरूनी मामला करार देते हुए किसी विदेशी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं बताई। मामले के कोर्ट में चलने की बात कही गई। हालांकि, अब इस करीब एक हजार साल पुरानी मस्जिद पर रेलवे की ओर से नोटिस चिपका दिया गया है।
वाराणसी में करीब एक हजार साल पुरानी शहीदां मस्जिद को तोड़े जाने के मामले पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने चिंता जताई थी। उन्होंने भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर हो रहे विध्वंस और खतरों पर गहरी चिंता जाहिर की। सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने भारत से ऐसे कार्यों को तुरंत रोकने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भारत का विघटन और स्थायी अराजकता फैल सकती है। उन्होंने ऐसे कार्यों को तुरंत रोकने का आह्वान किया। अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने का आग्रह किया।
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद वह जमकर ट्रोल हुए हैं। फिलहाल उन्होंने कमेंट सेक्शन बंद किया हुआ है। एक्स पर भारतीयों ने ट्रोल करते हुए आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी न करने की सलाह दी है। जरदारी के एक्स पर पोस्ट के बाद भारतीयों की ओर से टैग कर सैकड़ों कमेंट किए गए हैं। इसमें किसी ने पाकिस्तान को भिखारी कहा है तो किसी ने जरदारी का राजनीतिक स्टंट बताया।
सोशल मीडिया यूजर्स ने पोस्ट पर कहा कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति अपने देश में इसका राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस प्रकार के पोस्ट कर रहे हैं। वहीं, किसी ने चर्चित फिल्म धुरंधर की जीआईएफ पोस्ट कर खिल्ली उड़ाई है। कोट में लोगों ने मीम, जीआईएफ और कमेंट कर पाकिस्तान के राष्ट्रपति की चुटकी ली है।
वाराणसी पुलिस भी पाकिस्तानी राष्ट्रपति के पोस्ट के बाद सतर्क है। पुलिस की सोशल मीडिया सेल की ओर से इस पोस्ट की निगरानी की जाती रही है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पोस्ट को लेकर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस इस पोस्ट के समर्थन और इससे किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की संभावनाओं के बिंदु पर लगातार अपनी निगरानी को बढ़ाया है। अब रेलवे की ओर से नोटिस चिपकाए जाने के बाद सतर्कता और बढ़ाई गई है।




