जंतर-मंतर पर 2024 में प्रदर्शन करने के मामले में अलका लांबा दोषी करार, सजा पर 5 जून को होगी बहस
दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस नेता अलका लांबा को जंतर-मंतर पर 2024 में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में दोषी ठहराया है।

नई दिल्ली/एजेंसी। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कांग्रेस नेता अलका लांबा को जंतर-मंतर पर 2024 में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में दोषी करार दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने अलका लांबा को दोषी ठहराया और उनके सजा पर बहस सुनने के लिए 5 जून की तारीख तय की। विस्तृत आदेश का इंतजार है।
सुनवाई के दौरान अलका लांबा पर आरोप लगाया गया था कि अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष लांबा ने जंतर-मंतर पर 29 जुलाई 2024 को महिलाओं के आरक्षण के समर्थन में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस को बाधित करने और सार्वजनिक सड़क को अवरुद्ध किया था।
पिछले दिसंबर में एक अदालत ने लांबा के खिलाफ लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल प्रयोग, लोक सेवक को बाधित करने, लोक सेवक द्वारा जारी उचित आदेश की अवज्ञा और सार्वजनिक मार्ग में खतरा या बाधा डालने जैसे अपराधों के लिए आरोप तय करने का आदेश दिया था। लांबा की इस आदेश के खिलाफ दायर संशोधन याचिका को 6 फरवरी को खारिज कर दिया गया था।




