जनप्रतिनिधि करे अपने वेतन का बलिदान तभी हमारा भारत देश बनेगा महान : पंडित अशोक भारतीय
जनप्रतिनिधियो के इस योगदान के साथ आमजन व व्यापारी वर्ग बढ चढकर सहयोग की अपील

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष,पंडित अशोक भारतीय ने देश के जनप्रतिनिधियों से आर्थिक संकट के समय देशहित में अपना वेतन और पेंशन दान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने तथा ईंधन की बचत करने की अपील के बाद केंद्रीय व राज्य सरकारों के मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक काफिला संस्कृति से बचते हुए सादगी का संदेश दे रहे हैं, जो सराहनीय है।
पंडित अशोक भारतीय ने सभी जनप्रतिनिधियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और उनसे आग्रह किया कि वे आदर्श प्रस्तुत करते हुए देशहित में अपना एक माह का वेतन और पेंशन दान करें। उन्होंने कहा कि देश के 543 लोकसभा सदस्य, 245 राज्यसभा सदस्य, 4120 विधायक, 250 से अधिक मेयर, अध्यक्ष व जिला पंचायत अध्यक्ष सहित सभी जनप्रतिनिधि यदि यह कदम उठाते हैं तो देश को आर्थिक संकट से उबारने में महत्वपूर्ण सहयोग मिल सकता है। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि सांसदों और विधायकों को कई बार चुने जाने पर मिलने वाली बहुस्तरीय पेंशन पर रोक लगाई जाए तथा पेंशन की पात्रता कम से कम तीन बार निर्वाचित होने के बाद ही लागू की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों तथा एक लाख रुपये से अधिक वेतन पाने वाले सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों से भी देशहित में अपनी आय का एक हिस्सा योगदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग और त्याग की भावना से ही भारत को आर्थिक रूप से सशक्त और समृद्ध बनाया जा सकता है। पंडित अशोक भारतीय ने विश्वास जताया कि यदि जनप्रतिनिधि और सक्षम वर्ग इस दिशा में पहल करते हैं तो यह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा और भारत को महान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




