वर्दी की आड़ में तस्करी! मथुरा में 20 किलो गांजे के साथ पकड़ा गया सिपाही
मथुरा में महावन पुलिस ने चेकिंग के दौरान यूपी पुलिस के एक सिपाही और उसके साथी को भारी मात्रा में नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी सिपाही के कब्जे से 20 किलो गांजा, 2 लाख रुपये और मोटरसाइकिल बरामद की है।

मथुरा/उत्तर प्रदेश। मथुरा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां महावन पुलिस ने चेकिंग के दौरान यूपी पुलिस के एक सिपाही और उसके साथी को भारी मात्रा में नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 20 किलो गांजा, 2 लाख रुपए नगद और मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, माहौल पुलिस टीम रूद्र रिसोर्ट के पास पूठा चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका। तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से अवैध गांजा और नगदी बरामद हुई। मथुरा पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की और दोनों से उनका परिचय पूछा तो उनका जवाब सुनकर पुलिस दंग रह गई। दोनों बाइकसवारों में से एक आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस का कांस्टेबल निकला। आरोपी की पहचान अनिल कुमार निवासी नगला दीप जिला इटावा के रूप में हुई है। वह मथुरा में डायल 112 पर तैनात अपने साथी पुष्पेंद्र निवासी पचावर जिला मथुरा के साथ गांजे की तस्करी कर रहा था।
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने नशे के खिलाफ अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पुलिस भी लगातार नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। ऐसे में अब यूपी पुलिस के सिपाही की भूमिका ने पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांजा तस्करों को पकड़ने के लिए जो पुलिस अपनी जी-जान लगाने का दावा कर रही है, उसी पुलिस महकमे में अनिल कुमार जैसे सिपाही भी मौजूद है। पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए सिपाही अनिल कुमार का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। वह 4 साल पहले कोसीकला में तैनाती के दौरान शराब तस्करी के आरोप में भी पकड़ा गया था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरोपी सिपाही अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। महावन पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।




