गाजियाबाद डीएम की पहल, पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए बाइक से पहुंचे कलेक्ट्रेट, सरकारी गाड़ी छोड़ी

पीएम नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के बाद गाजियाबाद के डीएम रविंद्र कुमार मंदर ने सरकारी गाड़ी और काफिला छोड़कर खुद स्कूटर से कलेक्ट्रेट पहुंचकर मिसाल पेश की।

गाजियाबाद। खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध के चलते पेट्रोल-डीजल संकट गहराने लगा है, जिसका असर अब सरकारी सिस्टम पर भी साफ दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के बाद गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदर ने खुद पहल करते हुए सरकारी गाड़ी और काफिला छोड़ दुपहिया वाहन से कलेक्ट्रेट पहुंचकर एक मिसाल पेश की। डीएम का बाइक से कार्यालय पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदर ने कहा कि पीएम मोदी के आह्वान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उन्होंने स्वयं यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि यह देश के लिए कार्य है और हम सब उनके हर आह्वान के साथ हैं। इसलिए मैंने तय किया है कि जब भी कार्यालय आऊंगा तो कार पुल या बाइक पुलिंग का इस्तेमाल करूंगा। एस्कॉर्ट आदि का उपयोग नहीं करेंगे। सिर्फ लॉ एंड ऑर्डर जैसी अत्यावश्यक स्थिति में ही सरकारी वाहनों का इस्तेमाल होगा।
डीएम ने बताया कि अब सभी मीटिंग वर्चुअल की जा रही हैं ताकि दूर-दूर से अधिकारियों को कार्यालय न आना पड़े। उन्होंने सभी अधिकारी और कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं कि कार पूलिंग, बाइक पूलिंग अपनाएं या आसपास से पैदल कार्यालय आएं। जरूरत पड़ने पर ही अपने वाहन का इस्तेमाल करें।
जिलाधिकारी ने जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अगर हम खुद आचरण नहीं रखेंगे तो अपील का असर नहीं होगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जो देश की जनता से आह्वान किया है, वह देश हित में बहुत महत्वपूर्ण है। लोग अपने परिवार को मोटिवेट करें कि वो अनावश्यक डीजल-पेट्रोल की खपत कम करें। एक परिवार में तीन-चार गाड़ियां हैं तो एक गाड़ी से को ही पूल करके चलाएं। मेट्रो, ई-रिक्शा जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
डीएम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि अनावश्यक गाड़ियों के काफिले कम किए जाएं। वहीं, ऑनलाइन कक्षाओं या वर्क फ्रॉम होम जैसे फैसलों पर उन्होंने कहा कि इस पर निर्णय प्रदेश सरकार का होगा। जो निर्देश वहां से मिलेंगे, उन्हें लागू किया जाएगा। फिलहाल ये निर्देश उनके स्वयं के और विभागीय लोगों के लिए हैं। डीएम की यह पहल सोशल मीडिया पर खूब सराही जा रही है।

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