बिहार में 4 बच्चों की मां ने प्रेमी संग रचाई शादी, पति ने पत्नी को दुल्हन की तरह सजाया
संजय लीला भंसाली निर्देशित फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' काफी चर्चित फिल्म थी। इस फिल्म में पति अपनी पत्नी को उसके प्रेमी से मिला देता है। कुछ इसी तरह का मामला सारण में देखने को मिला है। जहां पति ने पत्नी को दुल्हन की तरह सजाकर पंचायती के बाद उसे उसके प्रेमी के हवाले कर दिया है।

सारण/बिहार। सारण जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के बहुआरा पट्टी गांव में एक ऐसी शादी हुई, जिसने लोगों को ‘हम दिल दे चुके सनम’ फिल्म की याद दिला दी। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां फिल्मी पर्दे पर नहीं, बल्कि गांव में पंचायत के बाद ये शादी हुई। बारात की जगह ग्रामीणों की भीड़ और भावनाओं के बीच एक पति ने खुद अपनी पत्नी का हाथ उसके प्रेमी के हाथों में सौंप दिया। गांव में हुई इस अनोखी शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। बताया जा रहा है कि 32 वर्षीय ज्योति कुमारी की शादी कई वर्ष पहले अनूप कुमार राम से हुई थी। दोनों के चार बच्चे भी हैं। परिवार रोजी-रोटी के लिए पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रहता था। इसी दौरान अनूप के एक दोस्त राजेश दास का घर आना-जाना बढ़ा और धीरे-धीरे ज्योति और राजेश के बीच प्रेम संबंध बन गए।
ग्रामीणों के अनुसार यह रिश्ता कोई नया नहीं था, बल्कि पिछले करीब 14 वर्षों से दोनों एक-दूसरे के करीब थे। समय के साथ मामला इतना आगे बढ़ गया कि राजेश गांव पहुंचकर ज्योति के साथ रहने लगा। इसके बाद परिवार और गांव में विवाद शुरू हो गया। मामला थाने तक पहुंचा, लेकिन जब समाधान नहीं निकला तो पंचायत बुलाई गई। पंचायत में घंटों चली बातचीत के बाद ऐसा फैसला हुआ, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। पति अनूप कुमार राम ने भारी मन से पत्नी की खुशी को प्राथमिकता दी और पंचायत के सामने दोनों की शादी कराने पर सहमति दे दी।
फिर ग्राम कचहरी के पास स्थित मंदिर में ग्रामीणों की मौजूदगी में ज्योति और राजेश ने शादी रचा ली। शादी के दौरान सबसे भावुक पल तब आया, जब महिला के चारों बच्चे अपनी मां की दूसरी शादी को चुपचाप देखते रहे। किसी की आंखों में हैरानी थी तो किसी के चेहरे पर उदासी। गांव की महिलाएं भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो उठीं। यह पूरा मामला अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। कोई इसे सच्चे प्यार की जीत बता रहा है, तो कोई पारिवारिक रिश्तों के टूटने की दर्दनाक कहानी। लेकिन इतना जरूर है कि बहुआरा पट्टी गांव की यह शादी लोगों को लंबे समय तक याद रहने वाली है।
उधर, गांव में चर्चा है कि पंचायत ने शादी की इजाजत तो दे दी, लेकिन उन चार बच्चों का क्या होगा, जो बिना मांग के हो जाएंगे। इस शादी की कोई आलोचना कर रहा है। कोई पंचायत के साथ पति को दोष दे रहा है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग प्रेमिका और प्रेमी को सही बता रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि पति का फैसला सही है, उसने सही फैसला लेकर अपना परिवार टूटने से बचा लिया है। बच्चों को वो पाल लेगा, लेकिन उसकी पत्नी सुखी हो गई। इस शादी की चर्चा पूरे जिले में हो रही है।




