‘वंदे मातरम’ का किया अपमान तो जाएंगे जेल, मोदी कैबिनेट ने दिया राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा

मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन-गण-मन के समान दर्जा देने का फैसला किया है। अब इसके अपमान पर भी राष्ट्रगान के अपमान की तरह सजा या जुर्माना हो सकता है, जिसके लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन होगा।
नई दिल्ली/एजेंसी। पश्चिम बंगाल में जीत के बाद प्रदेश के स्तर पर पहली कैबिनेट में कल्याणकारी योजनाओं पर फैसला लिया जाएगा। इसका संकेत खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दे चुके हैं। लेकिन उससे पहले केंद्रीय कैबिनेट ने एक फैसला लिया है कि पूरे राष्ट्र के साथ पश्चिम बंगाल की भावनाओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को अब राष्ट्रगान जन-गण-मण के समान दर्जा प्राप्त होगा। राष्ट्रगान के अपमान की तरह राष्ट्रगीत के अपमान पर भी अब सजा या जुर्माना हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इसके लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन को हरी झंडी दे दी गई।
अभी तक इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर ही सजा या जु्र्माने का प्रविधान था। संशोधन विधेयक में इसमें राष्ट्रगीत को भी शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है।
बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा 1875 में लिखा गया यह गीत 1905 में बंगाल विभाजन के खिलाफ और बाद में आजादी के आंदोलन का उद्घोष बन गया था। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के अपमान करने पर तीन की सजा, जुर्माना या फिर दोनों का प्रविधान है।
इसके तहत राष्ट्रगान की अवधि 52 निर्धारित है और इसे पूरा गाया जाना अनिवार्य है। राष्ट्रगान के दौरान किसी तरह का व्यवधान भी इसके अपमान में शामिल है। संशोधन विधेयक के अनुसार राष्ट्रगीत की अवधि भी तीन मिनट 52 सेंकेड निर्धारित होगी और इसके सभी छह श्लोकों का पढ़ना अनिवार्य होगा। वैसे गृहमंत्रालय पहले इसके सभी छह स्लोकों को पढ़ने का निर्देश दे चुका है।
संशोधन के बाद पूरा वंदे मातरम् नहीं पढ़ने पर सजा या जुर्माना हो सकता है। ध्यान देने की बात है कि राष्ट्रगीत में भारत माता की हिंदू प्रतीकों के रूप में आराधना के विरोध को देखते हुए कांग्रेस के 1937 के अधिवेशन में इसके पहले दो श्लोक को गाने का फैसला किया गया था, दो अभी तक चल रही थी।
राष्ट्रगीत के 150 साल पूरे होने पर संसद में विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था और उसे बंकिमचंद्र चटर्जी का अपमान बताया था।




