लोक निर्माण विभाग के द्वारा बनाई सड़कें चढ़ रही हैं भ्रष्टाचार की भेंट
सड़क बनते ही उखड़ने लगी है यह है सड़क की गुणवत्ता

शोभित शर्मा,खड़गवां/छत्तीसगढ़। खड़गवां में पदस्थ इंजिनियर के द्रारा जिन जिन सड़कों का निर्माण कार्य कराया गया है सभी सड़क महज दो दिन भी नहीं चल रही है इस इंजिनियर की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है? करोड़ों की लागत की सड़क चंद दिनों में धराशाही हो रही है और ठेकेदार मालमा हो रहे हैं,? लोक निर्माण विभाग के द्वारा निर्मित कराई गई सड़के एक दिन भी नहीं टिक रही है जबकि बीजेपी सरकार की मॉडल सड़कें छत्तीसगढ़ में निर्माण करा रही है।
खड़गवां विकास खंड में निर्माणाधीन सड़कों का निर्माण छत्तीसगढ़ शासन में भाजपा की विष्णु देव साय की सरकार में सुशासन के दावे सिर्फ खोखले साबित हो रहे हैं और हकीकत ज़मीन पर दम तोड़ते नज़र आ रही हैं। विकास खंड में हालात ऐसे बन हुए हैं कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। ना ही ठेकेदारों को किसी भी कार्यवाही का डर है, ना ही अधिकारियों की अपनी जवाबदेही की चिंता है।
छत्तीसगढ़ राज्य में विकास के नाम पर खुलेआम लूट का खुला खेल चल रहा है। जबकि अभी कुछ दिनों पूर्व ही मुख्यमंत्री विष्णु देव सायं में लोक निर्माण विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए थे की अगर सड़क निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार कि शिकायत प्राप्त होगी तो संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही एवं ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा उसके बाद भी निर्माण घटिया किया जा रहा है।
भ्रष्टाचार का ताज़ा और प्रमाणित मामला सामने आया है एमसीबी जिले के खड़गवां विकास खंड मुख्यालय में निमित्त सड़के जहां इन सड़कों पर कहीं सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है और सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।
खड़गवां मुख्यालय में निमित्त सड़के मुख्य मार्ग कूडाकूपारा से करवा मार्ग तक सड़क का निर्माण कार्य आयुष फ्लाई ऐश ब्रिकश इंडस्ट्रीज के द्वारा कराया गया है जो महज दो दिनों में ही उखाड़ने लगी है सड़क निर्माण कार्य पूर्णतः घटिया एवं गुणवत्ता विहीन कार्य किया गया है। इस सडक निर्माण कार्य में बिछाई गई डब्लू बी एम सामाग्री सही नहीं है। जबकि डब्लू बी एम एवं डब्लू एम एम को प्लांट से मिक्स कर के लाकर सड़क पर बिछाया जाता है और उसके बाद रोलिंग किया जाता है जो इन लोक निर्माण विभाग की किसी भी सड़क पर इस तरह की निर्माण सामाग्री का उपयोग कर सडक निर्माण कार्य नहीं किया गया है जिसके कारण सड़क दो दिनों में ही उखड़ने लगी गई है? जब खड़गवां मुख्यालय में निमित्त सड़के घटिया एवं गुणवत्ता विहीन निर्माण हो रहा है तो अन्य क्षेत्र में कैसा निर्माण कार्य किया जा रहा होगा सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। जनता के टैक्स के पैसों का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है।
जिन सड़कों को निर्माण के बाद वषों चलना चाहिए
वह महज एक दिन भी नहीं टिक पा रही है। ठेकेदार ने सड़क तो बनाई और महज ही कुछ ही घंटों में वह धूल की तरह उड़ गई। वाहनों के चके से नवनिर्मित सड़क उखड रहीं हैं उधर ठेकेदार अच्छी और ऊच कोठी की सड़क निर्माण की दुहाई देते नहीं थक रहा है और सड़क निर्माण स्थल की स्थिति सब कुछ प्रत्यक्ष गवाह थे रही है।
लोक निर्माण विभाग की सड़कों की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि ग्रामीण उंगलियों से डामर उखाड़ रहे हैं।इस सड़क निर्माण कार्य में डामर की सही मात्रा का मिश्रण नहीं किया गया है और ना ही निर्धारित डामर की मोटाई और मापदंडों का एवं तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।सड़क की मोटाई सिर्फ सही नहीं है और मिट्टी के ऊपर सीधे डामर बिछाया गया है जबकि मिट्टी की पूर्ण सफाई करके बेस तैयार कर रोलर से रोलिंग करने के पश्चात सडक पर डामरीकरण का कार्य किया जाना होता है जो नहीं किया गया है सडक निर्माण कार्य सड़क पर पड़ी मिट्टी के उपर सीधा डामरीकरण कार्य कर दिया गया है।
ठेकेदार और अधिकारियों की सेटिंग से हो रहा है निर्माण कार्य
जब ग्रामीणों ने घटिया निर्माण का विरोध किया तो ठेकेदार के सड़क निर्माण कार्य में लगे लोगों ने कहा की सारा खेल,सेटिंग पर चल रहा है जाओ जो करना है कर लो। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मौन नहीं, खुली सहमति है
पदस्थ इंजिनियर एस के लोध के सामने ही सब कुछ होने के बावजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पूरी तरह मौन बनकर कार्य को अंजाम दे रहे हैं। चुप रहने का नहीं बल्कि खुले संरक्षण की गवाही दे रहा है। जनता के टैक्स के पैसे की खुलेआम लूट हुई है ,फिर भी कोई कार्यवाही का नहीं होना बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार को अभयदान देना है।
केंद्र और राज्य—दोनों जगह पर बीजेपी की सरकार होने के कारण ऐसा लगता है कि भ्रष्टाचारियों को खुला समर्थन मिल चुका है की जनता का पैसो को लूटो और घटिया निर्माण कार्य करो। लोक निर्माण विभाग में पदस्थ इंजिनियर एस के लोध फोन नहीं उठते हैं और सड़क निर्माण कार्य की साइड पर भी उपलब्ध नहीं रहते हैं जिससे ठेकेदार के द्वारा मनमाने तरीके से घटिया और गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।




