युद्ध का असर, कानपुर में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप, रेस्टोरेंट-ढाबों पर संकट

कानपुर/उत्तर प्रदेश। गैस वितरण कंपनियों ने एलपीजी कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति बंद कर दी है। हालांकि घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति पहले की भांति होती रहेगी। कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से इसका असर खानपान की दुकानों, होटल व रेस्टोरेंट पर पड़ेगा। कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होने का विरोध भी शुरू हो गया है। अमेरिका-इजरायल व ईरान के बीच छिड़ी जंग का असर पेट्रोलियम पदार्थों पर पड़ने लगा है। एलपीजी की कीमत बढ़ने के साथ इनकी आपूर्ति का संकट भी खड़ा होने लगा है। गैस वितरण एजेंसियों ने सोमवार को कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति नहीं करने का निर्णय लिया। इसका लिखित रूप से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
जिले में प्रतिदिन औसत 2000 कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति होती है। एक माह में 60,000 सिलिंडर की खपत है। इनका प्रयोग रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, होटलों में होता है। कमर्शियल सिलिंडर न मिलने से खाद्य सामग्री नहीं बन पाने का समस्या खड़ी हो गई है।
लोग कमर्शियल की जगह घरेलू सिलिंडरों का प्रयोग करेंगे, इससे कालाबाजारी बढ़ सकती है। इंडियन आयल के विक्रय अधिकारी भूपेंद्र नौटियाल ने बताया कि कुछ समय के लिए कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति बंद की गई है। जल्द ही इसको शुरू कर दिया जाएगा।
पूर्व पार्षद मदन लाल भाटिया ने बताया कि कृष्णानगर में मिठाई की दुकान है। डिलीवरी ब्वाय बता गया कि मंगलवार से कमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलेगा। कानपुर होटल-गेस्ट हाउस एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष श्यामलाल मूलचंदानी ने कहा कि कमर्शियल सिलिंडर पर रोक लगने से रेस्टोरेंट, स्वीट हाउस का कार्य बंद हो गया है। इसको लेकर बुधवार को एसोसिएशन की बैठक भी बुलाई गई है। एसोसिएशन के महामंत्री राजकुमार भगतानी ने कहा कि कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होने से होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस व्यवसाय को भारी नुकसान होगा।




