उत्तराखंड से पढ़ाई करने गया था रूस, जबरन सैनिक बना यूक्रेन युद्ध में भेजा, घर पहुंची उसकी लाश

देहरादून/एजेंसी। पढ़ाई करने के लिए एक छात्र रूस गया, लेकिन वहां से स्थानीय प्रशासन ने जबरन उसको सैनिक बनाकर यूक्रेन युद्ध में भेज दिया। जहां से इंजीनियर बेटे की मौत की खबर ही आई और ताबूत में बंद उसका शव घर (उत्तराखंड) आया। जवान बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। शक्तिफार्म के ग्राम कुसमोठ निवासी और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले राजबहादुर मौर्य के परिवार पर ये दुख टूट पड़ा। राकेश मौर्य का नाम उस समय चर्चा में आया, जब 2 महीने पहले उसका एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ।
इस वीडियो में राकेश मौर्य रूसी सैनिक की वर्दी में आधुनिक हथियारों से लैस तो दिखाई दिया, लेकिन उसकी बातों में जो पीड़ा थी, उसने लोगों को दहला दिया। राकेश मौर्य ने आरोप लगाया था कि वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए रूस गया था, लेकिन यहां प्रशासन ने उसका पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए और उसे जबरन सैनिक बना कर यूक्रेन युद्ध में भेज दिया।
राकेश के पिता राजबहादुर मौर्य और माता सोनी का कहना है कि बीती 30 अगस्त को उनके अपने बेटे से आखिरी बार बात हुई थी, लेकिन तब उसने सच बात नहीं बताई थी और खुद को हिमाचल में नौकरी पर होना बताया था। इसके बाद उनकी कोई बातचीत नहीं हो पाई, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि वह रूस में जबरन सैनिक बनाया गया है।
राकेश मौर्य के बारे में पता लगने पर उसके परिजनों ने सुरक्षित वापसी के लिए सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई। इस दौरान परिवार को पूरी उम्मीद थी कि राकेश सुरक्षित घर लौट आएगा, लेकिन बुधवार को उसका पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो पूरे घर में कोहराम मच गया। राकेश मौर्य की किन परिस्थितियों में मौत हुई और उसे रूस से भारत किस तरह से लाया गया? इस पूरे घटनाक्रम के पीछे वास्तविक सच्चाई क्या है, इसके बारे में फिलहाल कोई भी अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि राकेश मौर्य की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

रूस यूक्रेन युद्ध में उत्तराखंड के राकेश शहीद। उत्तराखंड के सितारगंज  विधानसभा के शक्तिफार्म क्षेत्र के रहने वाला राकेश कुमार उम्र 24 वर्ष ...

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