फर्रुखाबाद के कोचिंग सेंटर विस्फोट में दो की मौत, सीएम योगी ने दिए निर्देश, चार सदस्यीय कमिटी गठित

फर्रुखाबाद/उत्तर प्रदेश। फर्रुखाबाद में शहर के सेंट्रल जेल चौराहे के पास संचालित सन लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी प्वाइंट कोचिंग के बाहर गेट पर शनिवार दोपहर तीन बजे जोरदार विस्फोट हो गया। भीषण विस्फोट के दौरान कोचिंग में पढ़ रहे सात छात्र-छात्राएं घायल हो गए। वहीं दो छात्रों आकाश सक्सेना व आकाश कश्यप की मौत हो गई। इस हादसे की जगह उठ रही बारूद की दुर्गंध अवैध पटाखा भंडारण की ओर इशारा कर रही है। वहीं, अधिकारी सेफ्टी टैंक में मीथेन के रिसाव को विस्फोट की वजह मान रहे हैं।
सेंट्रल जेल चौराहे से चंद कदमों की दूरी पर ही यह कोचिंग संचालित है। यहां विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इमारत की मोटी दीवारों का मलबा 50 मीटर दूर तक बिखर गया। वहीं धमाके के बाद भवन का मलबा 200 मीटर दूर जा गिरा। धमाके का असर इमारत के अंदर भी हुआ। हादसे के वक्त कोचिंग में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद थे। विस्फोट से नौ बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। दो को पास के निजी अस्पताल में और अन्य को लोहिया अस्पताल ले जाया गया। विस्फोट के बाद लहूलुहान हालत में एक छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर पड़ा मिला। उसकी पहचान आकाश सक्सेना (24) के रूप में हुई, जबकि दूसरा 50 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला। उसकी पहचान आकाश कश्यप (22) के रूप में की गई। धमाके से आकाश कश्यप के परखच्चे उड़ गए। दोनों की मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर धुएं का गुबार उठते देखा गया। विस्फोट से एक किमी. आसपास मकान भी हिल गए। कोचिंग सेंटर में बने केबिन के शीशे और फर्नीचर ध्वस्त हो गया। कंकरीट से बनी स्लैब और दीवारों के टुकड़े, लोहे की जाली दूर तक बिखर गई। कोचिंग के बाहर खड़ीं बाइकें, साइकिलें काफी दूर जा गिरीं। कुछ ही देर में आईटीआई और सेंट्रल जेल चौकी पुलिस पहुंची। आसपास लोगों की मदद से एंबुलेंस से घायलों को लोहिया अस्पताल भेजा गया।
घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे डीएम व एसपी ने घायलों से बातचीत की। जिसके बाद घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया। डीएम ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला सीवर टैंक में बनी मीथेन गैस के रिसाव से हुआ प्रतीत हो रहा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट मामले की गंभीरता से जांच कर रहे है। धमाके के अन्य बिंदुओं पर भी जांच हो रही है।
हादसे में सातनपुर मंडी निवासी विवेक यादव के पुत्र वेदांत (12) को गंभीर हालत में कानपुर रेफर कर दिया गया। कादरीगेट थाने के गुंजन विहार कॉलोनी के नीलू यादव का पुत्र पीयूष यादव (12), निखिल यादव (9), सेंट्रल जेल चौराहे के पंकज गुप्ता की पुत्री अंशिका गुप्ता (11) और निनौआ के श्रीकांत का पुत्र अभय (10) का इलाज चल रहा है। वहीं दो सगे भाई अंशुल यादव (14) व आयुष यादव (13) पुत्र प्रदीप यादव निवासी मीरपुर का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है।





