फतेहपुर में अवैध तरीके से चल रहे क्लीनिक ने ले ली मासूम की जान

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। जिले के खखरेरु थाना क्षेत्र में चल सैंकड़ों अवैध क्लीनिक में आज एक झोला छाप डॉक्टर के गलत इलाज के दौरान घर में संचालित हो रहे क्लीनिक में एक 6वर्ष की बच्ची कि मौत हो गई है। परिजनो के द्वारा को दिए गए शिकायत पत्र में पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवबरन निषाद पुत्र स्व० भैयालाल निषाद निवासी भीखमपुर ने पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि मेरे छोटे भाई रामबाबू की पुत्री पारुल की रात्रि में अचानक हालत खराब होने पर इलाज हेतु सिंह नरसिंह होम रक्षपालपुर में भर्ती कराया। उसके बाद इलाज शुरू हुआ डाक्टर बुखार बताया दो इन्जेकशन लगाया और बच्ची को घर ले जाने को कहा। डाक्टर ने बोला कि बच्ची को तीन घंटे में होश आ जाएगा। लेकिन तीन घण्टे बीतने के बाद भी होश नहीं आया और बच्ची कि हालत बिगड़ती ही गई।
तब डाक्टर को फोन किए तो बताया कि दो घण्टे और रुको लेकिन फिर भी होश नहीं आया तो अस्पताल लाने को कहा। अस्पताल लाए तो मौके पर डाक्टर नहीं मिले और अस्पताल में जो डाक्टर मौजूद थे उन्होंने रेफर कर दिया। लेकिन जैसे ही अस्पताल से बाहर आए 10 से 15 मिनट में ही बच्ची की मौत हो गयी है। स्वास्थ विभाग की सुस्ती के चलते आखिर कब तक आम जानता को झोला छाप डॉक्टर का सहारा लेना पड़ेगा। इस सम्बन्ध में खखरेरु थाना प्रभारी विद्या प्रकाश सिंह ने बताया कि जानकारी मिली जांच करके उचित कारवाही की जाएंगी।




