बिहार से लेडी तस्कर गोरखपुर लेकर आई 32.50 लाख की अफीम, पुलिस की जाल में फंसी
Lady smuggler from Bihar brought opium worth Rs 32.50 lakh to Gorakhpur, got caught in the police net

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। गोरखपुर के गोरखनाथ ओवरब्रिज के पास से अन्तर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 6.5 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 32.50 लाख रुपये आंकी गई है। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सरगना नेत्रपाल नामक व्यक्ति है, जो बिहार और झारखंड के जंगलों से सस्ते दामों में अफीम मंगवाकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में सप्लाई करता है।
एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक संगठित मादक पदार्थ तस्कर गिरोह सक्रिय है। इसी के तहत पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार सिंह के निर्देशन में एसटीएफ लखनऊ की टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। निरीक्षक दीपक कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों की टीम गोरखपुर जनपद में भ्रमण कर रही थी, तभी सूचना मिली कि एक महिला तस्कर बिहार के नरकटियागंज से अफीम लेकर गोरखपुर पहुंचने वाली है।
एसटीएफ टीम ने कोतवाली गोरखपुर पुलिस के सहयोग से गोरखनाथ ओवरब्रिज के पास जाल बिछाया और दो तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पूछताछ में एक आरोपी पवन सिंह ने बताया कि वह बरेली का निवासी है और एक संगठित गिरोह का सदस्य है। गिरफ्तार महिला आरोपी खुशबू उर्फ खुशी बिहार के नरकटियागंज की रहने वाली है, जो पूर्व में भी कई बार अफीम की खेप पहुंचा चुकी है। गिरोह के अन्य सदस्य समय-समय पर बरेली से गोरखपुर पहुंचकर खेप हासिल करते हैं और फिर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करते हैं।
यह गिरोह पिछले कई वर्षों से सक्रिय है और इसका नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, पंजाब, बिहार और झारखंड तक फैला हुआ है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह से और भी लोग जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली गोरखपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।



