वाराणसी गैंगरेप केस में नपे डीसीपी, डीजीपी ऑफिस से अटैच किए गए आईपीएस चंद्रकांत मीणा
DCP suspended in Varanasi gang rape case, IPS Chandrakant Meena attached to DGP office

- वाराणसी गैंगरेप मामले में डीसीपी वरुणा जोन को हटाया गया
- आईपीएस चंद्रकांत मीना डीजीपी मुख्यालय से अटैच किए गए
- 23 आरोपियों में से पुलिस ने 13 लोगों के अरेस्ट कर लिया है
वाराणसी/उत्तर प्रदेश। युवती से गैंगरेप मामले में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने वाराणसी के डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीणा को हटा दिया है। उन्हें डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर नाराजगी जताई थी। दुष्कर्म की यह घटना लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में हुई है। 23 युवकों ने एक युवती के साथ अलग-अलग स्थानों पर दुष्कर्म किया था। बताया जा रहा है कि शासन वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली से नाखुश था। इसलिए डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीणा को डीजीपी मुख्यालय लखनऊ से अटैच कर दिया गया।19 साल की युवती के साथ सात दिनों में 23 युवकों ने अलग-अलग जगहों पर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस के अनुसार, किसी तरह दरिंदों के चंगुल से बचकर युवती घर पहुंची। उसने अपने परिवार के साथ लालपुर पांडेयपुर थाने में 6 अप्रैल को 12 नामजद और 11 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने युवती की निशानदेही पर कई होटलों और हुक्का बार में छापा मारा। 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 10 आरोपियों की तलाश जारी है।
प्रधानमंत्री ने इस मामले पर संज्ञान लिया था। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि गैंगरेप की शिकार युवती हेपेटाइटिस बी से संक्रमित है। उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में लापरवाही बरतने पर तीन से चार और पुलिस अफसरों पर गाज गिर सकती है। बताया जा रहा है कि हटाए गए डीसीपी वरुणा जोन चंद्रकांत मीणा ने सख्त कार्रवाई नहीं की थी।




