यूपी की ‘लेडी सिंघम’ डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर के 8 साल पुराने राज से पति ने उठाया पर्दा

UP's 'Lady Singham' DSP Shrestha Thakur's 8-year-old secret revealed by her husband

  • रोहित सिंह ने बताया श्रेष्ठ ठाकुर की जिंदगी का ‘सच’
  • रोहित सिंह का दावा, श्रेष्ठा से दो बार की थी शादी
  • मामला कोर्ट में पहुंचा, दोनों पक्षों के आरोप विचाराधीन

आरा/बिहार। उत्तर प्रदेश की ‘लेडी सिंघम’के नाम से मशहूर डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भोजपुर से लेकर लखनऊ-नोएडा तक उनकी ही चर्चा हो रही है। चर्चा की वजह उनके निजी जीवन से जुड़ा विवाद है। उनके पति रोहित सिंह, श्रेष्ठा ठाकुर के 8 साल पुराने राज से पर्दा उठा दिया है, साथ ही कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। फिलहाल मामला अब कोर्ट तक पहुंच चुका है। भोजपुर जिला मुख्यालय आरा के अमराई नवादा के रहने वाले रोहित सिंह, कभी खुद को आईआरएस अधिकारी बताते थे, अब वे अपनी ही शादी शादी को लेकर मीडिया के सामने अलग कहानी पेश कर रहे हैं। मीडिया के सामने उन्होंने दावा किया कि डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर से पहली बार 2017 में मुलाकात हुई थी, वो भी सोशल मीडिया पर। बाद में कहानी आगे बढ़ी और लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक मंदिर में दोनों ने शादी कर ली।
रोहित सिंह दावा करते हैं कि श्रेष्ठा ठाकुर से उन्होंने दो बार शादी की। रोहित के अनुसार, उनकी और श्रेष्ठा ठाकुर की पहली मुलाकात एक दोस्त के जरिए सोशल मीडिया पर हुई थी। पहली बार दोनों 8 अगस्त 2017 को पहली बार लखनऊ में मिले। इसके बाद श्रेष्ठा ठाकुर ने शादी के लिए दबाव बनाया। हजरतगंज स्थित एक मंदिर में दोनों ने शादी कर ली।
रोहित सिंह ने दावा किया कि फर्स्ट नाइट लखनऊ के एक होटल में ही दोनों ने गुजारी। रोहित सिंह के अनुसार, 16 जुलाई 2018 को एक बार फिर दोनों ने पटना के सगुना मोड़ स्थित एक मैरिज हॉल में शादी की। यह शादी परिजनों की मौजूदगी में दोबारा हुई। रोहित ने कहा कि अगर मैं फर्जी आईआरएस अधिकारी होता तो एक सीनियर पुलिस अफसर दो बार शादी क्यों करती। रोहित ने दावा किया कि मंदिर से लेकर होटल और ट्रैवल तक का पूरा खर्चा मैंने ही किया।
जानकारी के अनुसार, रोहित सिंह और डीएसपी में विवाद तब बढ़ा, जब श्रेष्ठा ठाकुर ने रोहित पर फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के आरोप लगाए। दूसरी ओर रोहित का कहना है कि पूरा मामला पारिवारिक कलह है। उन्होंने इसके लिए श्रेष्ठा की मां और उनके परिवार को इसके लिए दोषी ठहराया है। रोहित सिंह के अनुसार, श्रेष्ठा ठाकुर ने उन पर ढाई करोड़ रुपये दहेज मांगने का झूठा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठा के परिवार में किसी की शादी नहीं टिकती। इसके लिए उन्होंने अपनी सास को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
रोहित ने आरोप लगाया कि कोर्ट से विजिटिंग राइट मिलने के बाद भी 2021 से बेटे से नहीं मिल पाया। रोहित ने दावा किया कि उनका बेटा एक सिपाही के संरक्षण में पल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मन में कई तरह के ख्याल आते हैं। समझ में नहीं आता कि क्या करें। रोहित ने दावा किया कि श्रेष्ठा ठाकुर का कौशाम्बी के एसएचओ से ‘पुराने संबंध’ है। रोहित ने दावा किया कि 8 फरवरी 2024 को एसएचओ सर्वेश पाल 25 जवानों के साथ आया था, और जबरन थाने ले जाकर मोबाइल से सारे सबूत डिलीट कर दिए।
आरोप-विवाद के बीच रोहत सिंह अब पूरे मामले को लेकर कोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने गाजियाबाद कोर्ट में डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर, उनके भाई और एसएचओ सर्वेश पाल समते कई अधिकारियों के खिलाफ 156 (3) के तहत केस दर्ज कराया है। मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। सच्चाई क्या है, ये तो रोहित और श्रेष्ठा ठाकुर ही जानते हैं। ऐसे में फैसला आने तक दोनों पक्षों की बातों को केवल आरोप और दावा ही माना जाएगा।

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