राम रहीम पर फिर उमड़ा हरियाणा सरकार का प्यार, 20 फरलो के बाद अब 12वीं बार मिली पैरोल
आखिर गुरमीत राम रहीम को हर बार कैसे मिल जाती है पैरोल या फरलो?

चंडीगढ़/एजेंसी। सचमुच, जेल न हो गई सराय खाना हो गया। कानून न हुआ तमाशा हो गया। सजा न हुई किश्तों की दिहाड़ी हो गई। कौन कहता है कानून सबके लिए बराबर होता है। छोटा, बड़ा, अमीर गरीब, कमजोर ताकतवर में फर्क नहीं करता। एक अकेले शख्स ने सारे मुहावरों को झूठा साबित कर दिया। उसने ये भी साबित कर दिया है कि भले ही कोई रेप करे, किसी का कत्ल करे। 20-20 साल की दो-दो उम्र कैद की सजा झेले, तो भी जेल के बाहर आजाद रहा जा सकता है। वो पैरोल और फरलो के नाम पर आजादी के मजे ले रहा है। हम बात कर रहे हैं रेपिस्ट-कातिल बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा की।
अपने देश में शायद कोई ससुराल भी इतनी जल्दी नहीं आता जाता होगा। पर इस बंदे ने सचमुच ससुराल वाली जेल की कहावत को बार-बार सच किया है। अभी पिछले 13 अगस्त को ही 21 दिनों की छुट्टी मनाने एक जमाने का रॉक स्टार बाबा जो लव चार्जर भी था, जेल यानी ससुराल से बाहर आया। 21 दिनों तक धूम धाम से अपना बर्थ डे मनाया. आजादी के सारे मजे लूटे। फिर 3 सितंबर को अगली बार बाहर आने के लिए वापस जेल पहुंच गया। इस बार अंदर मन नहीं लग रहा था। इसलिए जेल में बैठे-बैठे फिर से छुट्टी की अर्जी लगा दी। कमाल तो जेल के बाहर बैठा कानून है, जो बस रॉक स्टार की छुट्टी की अर्जी का लिफाफा देख कर ही छुट्टी मंजूर कर लेता है। अंदर का मजमून पढ़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
दिल्ली चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर हरियाणा सरकार का प्यार गुरमीत राम रहीम पर बरसता नजर आ रहा है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर से पैरोल मिल गई है। 2017 के बाद पहली बार सिरसा के डेरा में गुरमीत राम रहीम जाएंगे। सोनारिया जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच गुरमीत राम रहीम बाहर निकले। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह को 30 दिन की पैरोल मिलने के बाद मंगलवार को हरियाणा के रोहतक की जेल से रिहा कर दिया गया। यह पहली बार है जब सिंह ने 2017 में बलात्कार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से सिरसा में डेरा का दौरा किया है। इससे पहले वह पैरोल के दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित डेरा आश्रम में रुके थे।
डेरा प्रमुख के एक वकील ने कहा कि उन्हें 30 दिन की पैरोल दी गई है। सिंह के दस दिन सिरसा में और बाकी दिन भागवत आश्रम में रहने की उम्मीद है। सिरसा में डेरा पहुंचने के बाद, सिंह ने अपने अनुयायियों को एक वीडियो संदेश भेजा और उनसे वहां न आने को कहा। सिरसा के एक पुलिस अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की कि सिंह वहां डेरा पहुंचे थे। सिंह अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के आरोप में 2017 में दी गई 20 साल की सजा काट रहे हैं। उनकी पैरोल दिल्ली में चुनाव से कुछ दिन पहले आई है।
पिछली बार, सिंह को पिछले साल 1 अक्टूबर को 20 दिन की पैरोल दी गई थी। वह भी 5 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले आया था। अतीत में सिंह की कुछ पैरोल और फर्लो पंजाब, हरियाणा और पड़ोसी राज्यों में चुनावों के साथ मेल खाती थीं। एसजीपीसी जैसे सिख संगठनों ने पहले सिंह को दी गई राहत की आलोचना की है। पिछले साल अगस्त में सिंह को 21 दिन की छुट्टी दी गई थी। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक दो हफ्ते पहले उन्हें 7 फरवरी, 2022 से तीन हफ्ते की छुट्टी भी दी गई थी।
नहीं मिलेगा राम गुरमीत राम रहीम जैसा कैदी
एनसीआरबी यानी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े के मुताबिक इस वक्त पूरे देश में लगभग छह लाख कैदी अलग अलग जेलों में बंद हैं। इन छह लाख में से लगभग पौने दो लाख ऐसे कैदी हैं जो सजायाफ्ता हैं यानी जिनके गुनाहों का हिसाब हो चुका है और उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है। दावा है कि पूरे देश की जेलों में घूम आइये, और बस एक ऐसा कैदी दिखा दीजिए जो पिछले सात सालों में 255 दिन से ज्यादा पैरोल और फरलो के नाम पर जेल से बाहर भेजा गया हो। शर्तिया गुरमीत राम रहीम सिंह इंसा के अलावा दूसरा नाम ढूंढ़ने से आपको नहीं मिलेगा।
बड़े बड़े धुरंधर टेकते हैं माथा, लगाते हैं हाजरी
अब सवाल ये है कि देश की जेलों में बड़े बड़े तोप और पहुंच वाले कैदी भी बंद हैं. तो फिर गुरमीत राम रहीम के ऊपर ही पैरोल और फरलो की ये कृपा क्यों? तो याद रखिये गुरमीत का बलात्कारी और कातिल चेहरा सामने आने से पहले एक चेहरा वो भी था जिसे बाबा नाम दिया गया था और उस बाबा के चरणों और दरबार में बड़े बड़े धुरंधर माथा टेकने और हाजरी लगाने आते थे। तब बाबा का आशीर्वाद बरसता था। अब उसी बाबा को वही आशीर्वाद रिटर्न गिफ्ट में मिल रहा है।
चुनावी मौसम में मिलती है आजादी!
वैसे ये रिटर्न गिफ्ट तब तब ज्यादा मिलता है जब जब चुनावी मौसम आता है। और अपने यहां तो हर मौसम चुनावी मौसम होता है। कभी निगम चुनाव, कभी पंचायत चुनाव, कभी विधान सभा, कभी लोकसभा यहां तक कि उप चुनाव। और ये इत्तेफाक नहीं बल्कि हकीकत है कि बस कुछ वक्त बाद ही उसी हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है, जिस हरियाणा में बाबा के आशीर्वाद का सबसे ज्यादा असर है। तो चुनावी तैयारी से पहले तैयारियों का जायजा लेने के लिए बाबा को जेल से बाहर निकालना जरूरी तो था ही।
चुनाव से पहले आता बाहर
बरोदा उप चुनाव: 20 अक्तूबर 2020 को मां से मिलने के लिए एक दिन की पैरोल मिली। नवंबर 2020 में उप चुनाव हुआ था।
पंजाब विस चुनाव : फरवरी 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 21 दिन की पैरोल मिली।
राजस्थान विस चुनाव : 25 नवंबर 2023 को राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले 21 दिन की पैरोल मिली।
लोकसभा चुनाव : 25 मई 2024 को हुए लोकसभा चुनाव हुए। राम रहीम को 19 जनवरी को 50 दिन की पैरोल मिली।
हरियाणा विस चुनाव : 13 अगस्त 2024 को राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिली थी।
हरियाणा विस चुनाव : 2 अक्तूबर 2024 को राम रहीम को 20 दिन की सशर्त आपात पैरोल मिली, जबकि 5 अक्तूबर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव था।




