लखनऊ को इस साल मिले 50 सीए, युक्ति अग्रवाल ने हासिल की पहली रैंक, कुशाग्र को दूसरा स्थान
Lucknow got 50 CAs this year, Yukti Agarwal got first rank, Kushagra got second place

- सीए की परीक्षा में लखनऊ के 50 परीक्षार्थी सफल घोषित हुए हैं
- सीतापुर की मूल निवासी युक्ति अग्रवाल को पहला रैंक मिला है
- सभी सफल परीक्षार्थियों को लखनऊ में सम्मानित किया गया है
लखनऊ/एजेंसी। इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ओर से गुरुवार को सीए फाइनल का रिजल्ट जारी किया गया। इस साल यूपी की राजधानी लखनऊ को 50 सीए मिले हैं। लखनऊ से दोनों ग्रुप में 242 छात्र शामिल हुए, जिनमें 18 छात्र दोनों ग्रुप में पास हुए, जबकि 9 छात्र पहले और 17 छात्र दूसरे ग्रुप में पास हुए।वहीं, पहले ग्रुप में शामिल 302 में 29 और दूसरे ग्रुप में शामिल 181 स्टूडेंट्स में 39 विद्यार्थी पास हुए। सीए फाइनल में युक्ति अग्रवाल 445 अंक पाकर शहर में अव्वल रहीं। वहीं, कुशाग्र अग्रवाल 352 अंक के साथ दूसरे, शिवांश सोनी 351 अंक पाकर तीसरे, वंशिता जैन 340 अंक पाकर चौथे और कृतिका गुप्ता 333 अंक पाकर पांचवें स्थान पर रहीं। सभी सफल विद्यार्थियों को लखनऊ के शाखा अध्यक्ष संतोष मिश्र ने मेडल देकर सम्मानित किया। लखनऊ प्रबंध समिति के अन्य सदस्य उपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष सीए अनुराग पांडे, सचिव सीए अंशुल अग्रवाल, कार्यकारी सदस्य सीए शशांक मित्तल, सीए आशीष कुमार पाठक, सीए आरएल बाजापी ने सफल छात्रों को शुभकामनाएं दीं।
सीतापुर निवासी युक्ति अग्रवाल के पिता संजीव कुमार पोद्दार बिजनेसमेन और मां सोनी ग्रवाल हाउसवाइफ हैं। खुशी का कहना है कि मैं एग्जाम से पांच महीने पहले घर पर ही थी ऐसे में मल्टीपल रिवीजन का खूब समय मिला। हर दिन का शेड्यूल बनाया और उसी के हिसाब से तैयारी की। अपने मजबूत विषयों को अधिक अहमियत दी, जिससे मेरा रिजल्ट बेहतर हुआ। आगे जॉब करने का सोचा है।
गोमतीनगर विजय खंड निवासी कुशाग्र अग्रवाल के पिता अतुल अग्रवाल फाइनेंशियल कंसल्टेंट हैं। मां अंजली अग्रवाल हाउसवाइफ हैं। कुशाग्र का कहना है कि मैंने अपने थ्योरिटिकल व प्रैक्टिकल दोनों ही विषयों पर बराबर मेहनत की। अपनी क्लासेस पूरी ली, संस्थान के नोट्स से पढ़ाई की और मॉक टेस्ट भी दिए। रिवीजन पर फोकस किया। आगे कंसल्टेंसी फर्म जॉइन करूंगा।
शहर में तीसरी रैंक हासिल करने वाले शिवांश सोनी को 351 अंक मिले हैं। छात्र के पिता मनोज कुमार सोनी बिजनेसमैन हैं। मां रंजना सोनी हाउसवाइफ हैं। शिवांश ने बताया कि मैंने जॉब के साथ-साथ सीए फाइनल पास किया है। मैंने एक शेड्यूल तैयार किया जिसमें दस से बारह घंटे की पढ़ाई को अनुशासन के साथ फॉलो किया। अभी जॉब के साथ एमबीए करने की तैयारी है।




