राजस्थान के पाली में दूल्हा जितेंद्र सिंह का अनोखा फैसला, ढाई लाख रुपये का लौटा दिया शगुन

Groom Jitendra Singh's unique decision in Pali, Rajasthan, returned the shagun of Rs 2.5 lakh

  • पाली जिले के रोहट में दूल्हे जितेंद्र सिंह ने दहेज के खिलाफ आवाज उठाई
  • दूल्हा जितेंद्र सिंह ने शगुन में मिले दो लाख से ज्यादा रुपये लौटाए
  • शगुन के तौर पर दूल्हे ने सिर्फ एक सौ एक रुपये स्वीकार किए

पाली/राजस्थान। पाली के रोहट में एक अनोखी शादी हुई। इस शादी में दूल्हे जितेंद्र सिंह ने एक ऐसा कदम उठाया कि उनका चर्चा जिले में तो हो रही है, साथ ही उनकी शादी ने राज्य की खबरों में भी जगह बना ली। दरअसल जितेंद्र सिंह को शादी में शगुन के रूप में 2 लाख 51 हज़ार 101 रुपये लौटा दिए। उन्होंने सिर्फ़ 101 रुपये का शगुन स्वीकार किया। यह शादी रावणा राजपूत समाज में हुई। दूल्हे ने सादगी से शादी करके एक मिसाल पेश की। इससे समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक संदेश गया।
रावणा राजपूत समाज के जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र सिंह परिहार ने पूरी घटना बताई। रोहट के एक गांव में पाली के रामदेव रोड निवासी प्रेम सिंह के बेटे जितेंद्र सिंह की शादी थी। दुल्हन मुमल कंवर, जयसिंह चौहान की बेटी हैं। वधु पक्ष ने वर पक्ष को 2 लाख 51 हजार 101 रुपये का शगुन दिया, लेकिन जितेंद्र सिंह ने यह राशि लौटा दी। उन्होंने सिर्फ़ 101 रुपये का नेग लिया। उन्होंने जिलाध्यक्ष परिहार और समाज के बुजुर्गों के सामने यह किया।
दूल्हे जितेंद्र सिंह ने बताया कि वे दहेज प्रथा के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, ‘शादी प्यार और सम्मान का बंधन है, व्यापार नहीं।’ उन्होंने आगे कहा कि वे समाज में एक अच्छा संदेश देना चाहते थे। उनका मानना है कि दहेज एक सामाजिक बुराई है। इससे कई परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। कई लड़कियों की शादी भी इसी वजह से नहीं हो पाती। जितेंद्र सिंह ने युवाओं से आग्रह किया कि वे दहेज रहित शादी करें।
इस शादी में रावणा राजपूत समाज के कई लोग मौजूद थे। बद्रीसिंह चौहान, घनश्याम सिंह चौहान एसएस फार्म, भवरसिंह जाडन, चंदरसिंह परिहार, पुष्पेंद्र सिंह सरदार समंद, करणपाल सिंह मोंटू सिंह, दीपसिंह दुदीया, शैतान सिंह, मंगल सिंह खारडा, विजय सिंह निर्वाण, जवाहर सिंह ,पुख सिंह, फतेह सिंह आदि शादी में शामिल हुए। सभी ने जितेंद्र सिंह के इस कदम की सराहना की।
उन्होंने कहा कि जितेंद्र ने समाज के लिए एक मिसाल कायम की है। यह दूसरों को भी प्रेरित करेगा। इससे समाज में दहेज प्रथा को खत्म करने में मदद मिलेगी। लोगों ने कहा कि आज के समय में ऐसे उदाहरणों की बहुत ज़रूरत है। जितेंद्र और मुमल की शादी की चर्चा पूरे इलाके में है।

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