खत्म हो गया विवाद! शिमला मस्जिद की तीन मंजिलों को गिराने का काम शुरू

The dispute is over! Work to demolish three floors of Shimla Mosque has begun

शिमला/एजेंसी। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मस्जिद विवाद में बड़ा अपड़ेट सामने आया है। संजौली मस्जिद समिति ने मस्जिद की तीन अवैध मंजिलों को गिराना शुरू कर दिया है। समिति को हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड से मस्जिद की तीन मंजिलों को गिराने की मंजूरी मिल गई थी। 5 अक्टूबर को शिमला नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र कुमार अत्री की अदालत ने मुस्लिम कल्याण समिति को आदेश दिया था कि वह दो महीने के भीतर मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को अपने खर्चे पर गिरा दे। मस्जिद समिति के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा कि समिति ने इमारत की टीन की छत और अटारी को हटाने के लिए मजदूरों को काम पर लगाया है। नगर निगम आयुक्त अदालत के आदेश का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। लेकिन, धन की कमी के कारण मस्जिद के अवैध रूप से निर्मित हिस्सों को गिराने में तीन से चार महीने लग सकते हैं।
वहीं मस्जिद समिति इस कदम का हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वागत किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह अपनी तरह का पहला उदाहरण होगा, जब मुस्लिम समुदाय के लोग खुद आगे आकर राज्य में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए आगे आए हैं। हिमाचल प्रदेश में हर जाति, समुदाय और धर्म के लोग सम्मानपूर्वक और शांति से रहते हैं। सभी को राज्य में काम करने का अधिकार है।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अगर समिति को धन की कमी का सामना करना पड़ता है या विध्वंस के लिए और समय चाहिए, तो वह नगर निगम आयुक्त की अदालत के समक्ष एक आवेदन दे सकती है। अदालत कानून के अनुसार फैसला ले सकती है। देवभूमि संघर्ष समिति ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। समिति ने मस्जिद के अनधिकृत हिस्सों को गिराने के लिए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।
वहीं इस बीच हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोमवार को शिमला के निगम आयुक्त अदालत को निर्देश दिया कि वह राज्य की राजधानी शिमला में स्थित संजौली मस्जिद के कथित अवैध निर्माण से जुड़े 15 साल पुराने मामले में आठ सप्ताह के भीतर फैसला करे। यह निर्देश निगम आयुक्त अदालत के पांच अक्टूबर के आदेश के बाद सोमवार को विवादित मस्जिद की तीन अनधिकृत मंजिलों को गिराने की प्रक्रिया शुरू होने के कुछ घंटे बाद आया। वक्फ बोर्ड द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद मंजिलों को ढहाने का काम शुरू हो गया, लेकिन इस मामले में अंतिम फैसले का इंतजार है। संजौली के निवासियों द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश संदीप शर्मा ने निगम आयुक्त को निर्देश दिए।

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