गाजियाबाद की केडब्ल्यू सृष्टि सोसायटी में पीने लायक नहीं पानी, 52 सैंपल फेल

Water in Ghaziabad's KW Srishti Society is not potable, 52 samples fail

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की केडब्ल्यू सृष्टि में पीने के पानी की सप्लाई व्यवस्था में किसी तरह का सुधार नहीं हो रहा है। अब फिर स्वास्थ्य विभाग की जांच में सोसायटी से पानी के लिए गए 14 सैंपल फेल पाए गए हैं। सोसायटी से अब तक लिए गए पानी के सभी 52 सैंपल फेल पाए जा चुके हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि बिल्डर की ओर से पेयजल व्यवस्था में सुधार संबंधी कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। मामले में प्रशासन से बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है।राजनगर एक्सटेंशन की केडब्ल्यू सृष्टि सोसायटी में पानी के नमूने फेल मिलने का सिलसिला जारी है। अब स्वास्थ्य विभाग की जांच में 14 और सैंपल फेल पाए गए हैं। ये सैंपल विभाग ने गुरुवार को लिए थे। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि बीते कई दिनों से सोसायटी में दूषित पेयजल की समस्या बनी हुई है, जिसके एवज में सोसायटी से निर्धारित समय पर पानी के नमूने लिए जा रहे हैं। अब तक 52 सैंपल फेल मिल चुके हैं, जिसमें खतरनाक बैक्टीरिया और टीडीसी मानक से ज्यादा पाया गया है।
उन्होंने बताया कि सोसायटी के निरीक्षण के दौरान पेयजल सप्लाई व्यवस्था में लगातार खामियां मिल रही हैं। बार-बार नोटिस देने के बाद भी बिल्डर की ओर से पेयजल सप्लाई व्यवस्था में किसी तरह का सुधार नहीं किया जा रहा है। विभाग की ओर से सोसायटी में जल्द ही मेडिकल कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इस जांच में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों और शरीर में होने वाले बदलावों पर फोकस किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दूषित पानी से न केवल आंतों की गंभीर बीमारियां होती हैं, बल्कि दिल, गुर्दे, फेफड़े भी गंभीर रूप से संक्रमित होते हैं। दूषित पानी से होने वाले संक्रमण का उपचार जल्दी नहीं हो पाता है और लंबा इलाज चलता है। उन्होंने कहा कि सोसायटी में पानी की सप्लाई में सुधार करने को लेकर बिल्डर को एक और नोटिस जारी किया गया है। यदि एक सप्ताह में पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो विभागीय स्तर पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति प्रशासन और शासन से भी की जाएगी।

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