माध्यमिक शिक्षा विभाग जॉइंट डायरेक्टर आरपी शर्मा की गिरफ्तारी की आंच में झुलसेंगे विभागीय कर्मचारी
Departmental employees will be affected by the arrest of Secondary Education Department Joint Director RP Sharma

आगरा/उत्तर प्रदेश। माध्यमिक शिक्षा विभाग के जेडी (जॉइंट डायरेक्टर) आर.पी. शर्मा की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ रहा है। एक तरफ शिक्षक संघ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। तो दूसरी ओर विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है। चर्चाएं लखनऊ से लेकर प्रयागराज तक हैं कि आखिर विभाग में ऐसा कौन है जो कि अधिकारियों को ट्रैप करवा रहा है। यही वहज है कि शिक्षा निदेशक प्रयागराज ने आगरा मंडल में तैनात सभी लिपित संवर्गों की सेवाओं की जानकारी मांगी गई है। निदेशक का पत्र आने के बाद 100 से 150 कर्मचारियों में खलबली मची है।
17 अगस्त को आगरा के माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक आरपी शर्मा को विजिलेंस ने 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। आरपी शर्मा 6 महीने से सहायक शिक्षक अजय पाल की फाइल को दबाकर बैठे थे। आरोप है कि रिपोर्ट लगाने के एवज में 10 लाख रुपये की मांग की थी। पहली किस्त 3 लाख रुपये लेते हुए विजीलेंस ने जेडी आरपी शर्मा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने जेडी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। विजिलेंस जेडी की संपत्ति की जांच भी कर रही है।
जिला विद्यालय निरीक्षक रहे दिनेश कुमार ने 57 लोगों की माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनाती की थी। ये सभी नियुक्तियां ठेके पर की गई थीं। कुछ विभागीय चर्चित बाबू और तत्कालीन डीआईओएस दिनेश कुमार की कार्यशैली संदिग्ध रही। दिनेश कुमार का निधन हो चुका है। जबकि बाबुओं ने नियुक्यिों की फाइलें गायब कर दी हैं। इन नियुक्तियों की शिकायतें विजीलेंस में की गई हैं। इस मामले में जेडी के स्टाफ, वेतन बाबू और वर्तमान डीआईओएस से भी पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा शिकायतकर्ताओं को भी विवेचना में शामिल किया जाएगा। विजिलेंस को जानकारी मिली है कि जेडी ने पैसे लेकर फाइलों का निपटारा किया है।
शिक्षा निदेशक का पत्र आने के बाद आगरा मंडल के लिपिक संवर्गों में चर्चाएं तेज हैं। निदेशक ने मंडल के पटलों पर तैनात कनिष्ठ, वरिष्ठ, प्रधान, प्रशासनिक अधिकारी, आशुलिपिक, वैयक्तिक गे्रड 1 और 2, उर्दू अनुवादक और चतुर्थ कर्मचारियों का अलग-अलग कैडरवार सेवा विवरण मांगा गया है। आशंका है कि आगरा मंडल के 100 से 150 कर्मचारियों को जिला से दूर किया जा सकता है। इस पत्र के आने के बाद विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है।




